आउटसोर्सिंग कंपनी के.के. फार्मा जीवन रक्षक दवाएं मुहैया कराने में रही असफल, पूर्व कर्मियों में नाराज़गी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा, 17 जुलाई: यूसिल अस्पताल में दो महीने बाद भले ही दवा आपूर्ति शुरू हो गई हो, लेकिन पहले ही दिन आउटसोर्सिंग कंपनी के.के. फार्मा मरीजों को जीवन रक्षक दवाएं देने में विफल रही। इससे पूर्व यूसिल कर्मियों और स्थानीय मरीजों में भारी नाराजगी देखी गई।
पूर्व यूसिलकर्मी अनिल चंद्र दास ने बताया कि अस्पताल आने पर शुगर, खांसी और हार्ट संबंधित जरूरी दवाएं नहीं मिलीं। सिर्फ पर्ची पर दवा की एंट्री कर दी गई और मरीजों से 48 घंटे बाद आने को कहा गया।
गौरतलब है कि यूसिल प्रबंधन ने 16 जून को के.के. फार्मा को ब्रांडेड दवा सप्लाई करने का ठेका दिया था, लेकिन सप्लाई के पहले ही दिन अस्पताल में दवा की भारी किल्लत रही।
मरीजों का कहना है कि जादूगोड़ा यूसिल अस्पताल, जमशेदपुर से महज 40 मिनट की दूरी पर है, इसके बावजूद दवाएं तुरंत उपलब्ध न कराना लापरवाही है।
भूतपूर्व कर्मचारियों ने के.के. फार्मा का टेंडर रद्द करने की मांग उठाई है। अस्पताल परिसर में लंबी कतारों और बिना दवा के लौटते मरीजों की तस्वीरें इस अव्यवस्था की गवाही दे रही हैं।
पृष्ठ रचनाकार: सिराज अंसारी जामताड़ा

