सकारात्मक पहल: नाला थाना प्रभारी राजीव रंजन का अनूठा कदम, बिना हेलमेट वालों को हेलमेट लेने के बाद छोड़ा
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक अनोखी और सराहनीय पहल सामने आई है। पुलिस प्रशासन के सहयोग से लोगों में हेलमेट पहनने की जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वाहन चेकिंग के दौरान एक ऐसा कदम उठाया गया, जो न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देता है।
जामताड़ा एसपी राजेश कुमार मेहता के निर्देश पर नाला थाना प्रभारी राजीव रंजन द्वारा नाला थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। लेकिन यह चेकिंग अभियान केवल चालान काटने या जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहा। इसके पीछे एक बड़ी सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण छिपा था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर जागरूकता फैलाना था।
अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग हेलमेट को गैरज़रूरी समझते हैं, या फिर आर्थिक कारणों से इसे प्राथमिकता नहीं देते। ऐसे में जब चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना हेलमेट चल रहे चालकों को रोका, तो उनसे जुर्माना वसूलने के बजाय उन्हें समझाया गया कि हेलमेट सिर्फ कानून का पालन करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी जान की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
सबसे अनोखी बात यह रही कि नाला थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बगैर हेलमेट पकड़े गए कई वाहन चालकों को हेलमेट लेने के बाद छोड़ा गया। इस पहल ने न केवल लोगों को चौंकाया, बल्कि उन्हें यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि पुलिस केवल सजा देने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए कार्य करने वाली एक जिम्मेदार इकाई भी है।
इस दौरान कई लोगों ने कहा कि वे पहली बार ऐसी चेकिंग का हिस्सा बने, जहाँ उन्हें जुर्माना नहीं बल्कि सुरक्षा दी गई। कुछ युवाओं ने इस पहल की तारीफ़ करते हुए कहा कि अब वे रोज हेलमेट पहनकर ही घर से निकलेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल सड़क सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास की खाई भी पाटी जा सकती है। आज जब अक्सर पुलिस को कठोर छवि के रूप में देखा जाता है, ऐसे में इस प्रकार की मानवीय और जागरूकतापूर्ण पहल समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है।
एसपी राजेश कुमार मेहता ने इस पहल को आगे भी जारी रखने की बात कही है और अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसे अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की असली ताकत जन सहयोग में है और जब जनता पुलिस के प्रयासों को अपना समर्थन देती है, तब परिवर्तन संभव होता है।
नाला पुलिस की यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बन सकती है। ऐसे प्रयासों से समाज में न केवल कानून का पालन बेहतर होगा, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक होने की भावना भी मजबूत होगी।

