राष्ट्र संवाद संवाददाता सिराज अंसारी जामताड़ा
जामताड़ा: जामताड़ा प्रखंड के चेंगाईडीह गांव में बन रहा नया पुल अब स्थानीय लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। वर्षों से इस क्षेत्र के लोग एक जर्जर पुलिया के सहारे आवाजाही करते आ रहे थे, जो न केवल संकीर्ण था, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित हो चुका था। आए दिन लोग गिरकर घायल होते थे। ग्रामीणों की यह लंबे समय से मांग थी कि उस खतरनाक पुलिया की जगह एक मजबूत और सुरक्षित पुल बनाया जाए। अब जाकर उनकी यह मांग पूरी होती दिख रही है।
स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि कलीम अंसारी ने बताया कि “इससे पहले यहां एक छोटी पुलिया थी, लेकिन वह पुलिया नहीं, बल्कि लोगों के लिए मौत का रास्ता बन चुकी थी। आये दिन लोग गिरते थे, हाथ-पैर तुड़वाते थे। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। बरसात के मौसम में तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी।”
उन्होंने बताया कि “अब जो पुल निर्माण हो रहा है, उससे न केवल चेंगाईडीह के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि सोनबाद, पोखरिया मोड़ और जामताड़ा आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी सुविधा होगी। यह पुल इस क्षेत्र के हजारों लोगों को जोड़ने का कार्य करेगा और आर्थिक, सामाजिक गतिविधियों को भी गति देगा।”
पुल निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य में विशेष गुणवत्ता और समयबद्धता का ध्यान रखा जा रहा है। कलीम अंसारी ने उम्मीद जताई कि आगामी छह महीने के भीतर पुल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
इस पुल के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय लोगों की जिंदगी में एक सकारात्मक बदलाव भी आएगा। बच्चों को स्कूल जाने में, किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में और व्यापारियों को अपने माल की ढुलाई में अब परेशानी नहीं होगी। ग्रामीणों ने इसके लिए प्रशासन का आभार जताया है और अपेक्षा जताई है कि शेष कार्य जल्द से जल्द पूरा कर पुल को समर्पित किया जाए।

