झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया फतेहपुर एकलव्य विद्यालय किया शुभारंभ
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: जिले के फतेहपुर प्रखंड स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, चौकुंदा में विद्यालय भवन एवं छात्रावास के शुभारम्भ को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय अध्यक्ष झारखण्ड विधानसभा श्री रवीन्द्र नाथ महतो ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर विद्यालय भवन एवं छात्रावास का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि सहित उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक आईटीडीए सहित अन्य को पौधा देकर सम्मानित किया गया। साथ ही पारंपरिक नृत्य एवं संगीत के माध्यम से स्वागत किया गया। वहीं उपायुक्त द्वारा माननीय अध्यक्ष को पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।
वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए _*माननीय अध्यक्ष झारखण्ड विधानसभा, श्री रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि*_ इसके पहले एकलव्य में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक मुझसे संपर्क करते थे, तब विद्यार्थियों का सिलेक्शन दुमका एवं अन्यत्र जिलों में होता था, उसका प्रतिशत भी न्यून था। हमारे जिले में यह विद्यालय नहीं था, हमने प्रतिचेष्टा किया। विद्यालय भवन बनकर पूर्व से तैयार था। वर्ष 2022-23 से यह प्रारम्भ करना चाहा। कई अड़चनें थी, विद्यालय का भवन तो बन गया लेकिन चहारदीवारी नहीं थी, लेकिन आज यह पूर्ण रूप से संस्था का रूप ले लिया है। पठन पाठन प्रारंभ हो रहा है। वहीं इस क्रम में उन्होंने एकलव्य एवं गुरु द्रोणाचार्य के प्रसंग पर चर्चा कर बताया कि कैसे गुरु द्रोणाचार्य के मना करने पर एकलव्य ने उनकी प्रतिमा बनाकर उन्हें अपना गुरु मानकर अस्त्र विद्या सीखने का प्रारंभ किया एवं निपुण हो गए और किस प्रकार से गुरु द्रोणाचार्य ने गुरु दक्षिणा में उनकी दाहिने हाथ के अंगूठा को मांग लिया। वहीं शिक्षा प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार के भेदभाव पर अपनी बातें कही। उन्होंने कहा कि पूर्व में सबके लिए शिक्षा सुलभ नहीं था लेकिन अब यह सबों के लिए उपलब्ध है। सरकार के माध्यम से या प्रयास हुआ कि सबों को शिक्षा से कैसे जोड़ें। जिसके लिए विभिन्न विद्यालयों की स्थापना की गई।
_*बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार ट्रेड चुनने का मौका दें, सभी बच्चे जीनियस नहीं हो सकते हैं – माननीय अध्यक्ष*_
आज भी आप ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर देखेंगे कि कई लोगों तक शिक्षा का रोशनी नहीं पहुंचा है, ऐसे में हम सभी का प्रयास यह होना चाहिए कि सभी बच्चे स्कूल तक आएं, उन्हें शिक्षा के साथ हुनर देने का कोशिश करें। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि विद्यालय में एजुकेशन के साथ साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस किया जाएगा। आप लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यहां पर कड़े अनुशासन एवं अन्य नियम होंगे जिससे बच्चे अनुशासित एवं शिक्षा से सीधे जुड़ाव महसूस करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में बच्चों के प्रति अभिभावकों की धारणा अन्य देशों के तुलना में भिन्न है वहां बच्चों का एटीट्यूड और एप्टीट्यूड टेस्ट के बाद यह निर्णय होता है कि बच्चे को किस क्षेत्र में लगाव है उसी ट्रेड में भेजा जाता है। जबकि यहां अभिभावक बच्चों के प्रति अपने सोच को थोपते हैं, जिससे वे काफी दवाब में महसूस करते हैं। सभी बच्चे जीनियस नहीं हो सकते हैं। कहा कि गार्जियन का सजगता जरूरी है। बच्चे जिस फील्ड में रुचि रखते हैं उन्हें उसी फील्ड में करियर बनाने में सहयोग करें चाहे वो खेल हो संगीत हो कला हो या अन्य हो। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के लिए न सिर्फ देश में बालिक विदेशों में भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्रवृति दे रही है। राज्य में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कम ब्याज पर ऋण दे रही है और वापस करने के लिए भी काफी आसान और सुगम प्रावधान किए गए हैं। इसका लाभ उठाएं।
_*बच्चों से बोले उपायुक्त – अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है, वो शिक्षा है*_
_*अभिभावक अपने बच्चे बच्चियों को सिर्फ दसवीं तक न कराएं। बल्कि उन्हें इंटर, ग्रेजुएशन ही नहीं उच्च शिक्षा प्रदान करें – उपायुक्त श्री रवि आनंद (भा०प्र०से०)*_
वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री रवि आनंद (भा०प्र०से०) ने कहा कि जब हम छोटे थे तो कुछ इसी तरह का वातावरण हम सब देखते थे कि पक्का स्कूल, बड़ी बड़ी इमारतें हैं, सोचता था कि क्या क्या होता होगा इसके अंदर, क्या सुविधाएं मिलती होगी? आज वही सुविधाएं नाला विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर में किया जा रहा है। यहां न सिर्फ आपको पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षक प्राप्त होंगे बल्कि स्कूल में अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त होगी। यहां के छात्र न सिर्फ भारत अपितु विश्व के छात्रों से पीछे नहीं रहेंगे, डटकर मुकाबला करेंगे। यह भवन तैयार है बुनियादी सुविधाएं हैं, कुछ सुविधाओं का अभाव है जिसे 1 महीना के अंदर सुविधाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा। वहीं उन्होंने बच्चों से कहा कि आप लोग को बस ये ध्यान रखना है कि अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है, वो है शिक्षा। अगर आप शिक्षित हैं, तो आप अकेले ही सक्षम हैं दुनिया से लड़ने एवं आगे बढ़ने में। वहीं उन्होंने विद्यालय में *लड़कों की तुलना में लड़कियों के अधिक नामांकन* को लेकर प्रसन्नता जाहिर की। कहा कि यह सुखद अनुभूति है कि हमारे क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों को आगे बढ़ने का मौका दे रहे हैं। उन्होंने अनुरोध कर कहा कि अपने बच्चे बच्चियों को सिर्फ दसवीं तक न कराएं। बल्कि उन्हें इंटर, ग्रेजुएशन ही नहीं उच्च शिक्षा प्रदान करें, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है और कई योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को कम उम्र में बाल विवाह के प्रति न धकेले बल्कि उन्हें शिक्षा के रास्ते जाने के लिए मोटिवेट करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की उपस्थिति लगातार रहे, ड्रॉप आउट न हो। उन्हें कॉम्पटीटिव बनाएं। वहीं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री, छात्रावास की अन्य सुविधाएं, सुरक्षा आदि बिंदुओं पर संबंधित को जरूरी निर्देश दिया।
_*पुलिस अधीक्षक ने कहा – आवासीय विद्यालय के शिक्षक के रूप में हुई करियर की शुरूआत*_
वहीं पुलिस अधीक्षक श्री राज कुमार मेहता (भा०पु०से०) ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि आज इस विद्यालय में आने का मौका मिला, उन्होंने खुद को एक एसपी के रूप में परिचय न देकर शिक्षक के रूप परिचय देते हुए कहा कि उनके करियर का पहला शुरूआत आवासीय विद्यालय में शिक्षक के रूप में हुई। कहा कि हम जानते हैं इसके गुण दोष के बारे में जानते हैं। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से कहा कि मन लगाकर अध्ययन करें, अगर कोई समस्या हुई तो हमलोग संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।
वहीं _*उप विकास आयुक्त श्री निरंजन कुमार ने*_ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की अवधारणा एवं अन्य बिंदुओं पर संबोधित करते हुए कहा कि इस विद्यालय के खोले जाने का प्रावधान यही है कि जहां की जनजातीय आबादी 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो। उन्होंने कहा कि यह बाकी विद्यालयों से अलग है, यहां न सिर्फ अकादमिक बालकों स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस किया जाएगा। *_वहीं परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री जुगनू मिंज ने विद्यालय से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।_*
_*इस मौके पर*_ उप विकास आयुक्त श्री निरंजन कुमार, परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री जुगनू मिंज, सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन, प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी श्री अबिश्वर मुर्मू, प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री प्रेम कुमार दास, अंचल अधिकारी श्री सीताराम महतो सहित विद्यालय के प्राचार्य, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य मौजूद रहे।

