*काव्य गोष्ठी आयोजित*
दिनांक 4 मई 2024 दिन शनिवार को संध्या 4:00 बजे से साहित्य संस्था “मरुधर साहित्य ट्रस्ट” और “जयशंकर प्रसाद रांची” के तत्वाधान में जमशेदपुर के तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रायोजक शैली अग्रवाल जी बालाजी एसेंस इंडस्ट्री भुवनेश्वर से एवं विशिष्ट अतिथि उदित अग्रवाल जी अध्यक्ष लखन विक्रांत जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती निवेदिता श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। निवेदक आदरणीय नरेश अग्रवाल जी के सौजन्य से यह कार्यक्रम बहुत ही सुनियोजित ढंग से किया गया। सभी प्रतिभागी कवियों को उपहार दिया गया जिससे उनमें हर्ष और उल्लास देखा गया।
निवेदिता श्रीवास्तव गार्गी के मंच संचालन में स्वागत भाषण श्रीमती आरती श्रीवास्तव विपुला जी के द्वारा किया गया।काव्य पाठ की शुरुआत स्वरचित सुश्री सविता सिंह मीरा के स्वर में सरस्वती वंदना से हुई।
फिर तो 25 कवि कवयित्रियों की काव्य धारा में सभी भीगते रहे । काव्य पाठ का संचालन जब निवेदिता श्रीवास्तव गार्गी के द्वारा हो तो कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ और ही होती है उनके संचालन ने तो चार चाँद लगा दिया।
सभी कवियों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को बांधे रखने में कसर नहीं छोड़ी। श्रृंगार रस, वीर रस, भक्ति रस,विरह ने जहां भाव विभोर किया वहीं हास्य, व्यंग की फुहारें सभी को गुगुदाती रहीं।सुश्री क्षमा की पंक्तियाँ “सनातन की शान बनारस है”, नीता सागर जी की “मैं नोट हूँ” सविता सिंह मीरा की “सुबह सुबह सलाम किसका था”नवीन जी की “अगरबत्तियां जलकर भी खुशबू फैलाती है एक सात्विक मन के सम्पूर्ण समर्पण की सुगंध परमात्मा तक पहुंचाती है। ____ ने तो माहौल ही बदल दिया। डॉ रजनी रंजन, ममता जी, उषा जी, अंजु केशव, पुनम सिंह, लक्ष्मी सिंह,अनिता निधि, सुस्मिता मिश्रा सलीलात्मजा, रीना गुप्ता,माधवी उपाध्याय, अनामिका मिश्रा, लखन सिंह विक्रांत, लता मानकर प्रियदर्शिनी, आरती श्रीवास्तव विपुला,मेहा मिश्रा, राजेंद्र साह राज, मनीष सिंह वंदन,मेहा मिश्रा ,दीपक वर्मा दीप सभी ने श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के समापन के पूर्व मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा की आनेवाले कल में भुवनेश्वर में कार्यक्रम करवाएंगी कार्यक्रम की स्तरीय व्यवस्था एवं कवियों की प्रस्तुति से वो काफी प्रभावित हुईं और उन्हें भी कविता लिखने की प्रेरणा मिली और वो लिखने का प्रयास करेंगी।उन्होंने सभी कवियों को मधु कुंज अगरबत्ती का पैकेट उपहार स्वरूप दिया जिससे सभी काफी प्रभावित हुए। अध्यक्ष लखन विक्रांत जी ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया और धन्यवाद ज्ञापन आदरणीय वसंत जमशेदपुरी जी के द्वारा संपन्न हुआ।तीन घंटे का कार्यक्रम में आइस्क्रीम,कोल्डड्रिंक्स,और सुस्वादु नाश्ते का आनंद लेते रहे सभी।

