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    एक ही परिवार के पांच लोग घायल, बच्चे की हालत गंभीर

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJuly 22, 2026Updated:July 22, 2026No Comments3 Mins Read
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता

    एक ही परिवार के पांच लोग घायल

    सरायकेला: टाटा-पुरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-18) पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बलरामपुर के पास मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रथ मेला देखने जा रहे झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र स्थित आदरडीह गांव के एक परिवार का ऑटो तेज रफ्तार लॉरी की चपेट में आ गया। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए, जिनमें एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच परिवार के सदस्य ऑटो से बलरामपुर रथ मेला देखने जा रहे थे। इसी दौरान बलरामपुर के समीप विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार लॉरी ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार, एक बच्चे की हालत गंभीर है, जबकि अन्य चार घायलों का इलाज जारी है।

    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर एनएच-18 पर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    गौरतलब है कि बलरामपुर क्षेत्र में एनएच-18 पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। लगातार हो रहे हादसों से स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

    सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय

    राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सड़क इंजीनियरिंग, वाहन मानकों और चालक प्रशिक्षण में सुधार करना होगा। एनएच-18 जैसे व्यस्त राजमार्गों पर स्पीड कैमरे, रंबल स्ट्रिप्स, और उचित प्रकाश व्यवस्था लगाई जानी चाहिए। इसके अलावा, भारी वाहनों के लिए अलग लेन की व्यवस्था और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई भी जरूरी है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे सड़क सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से कराएं और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं। [INTERNAL_LINK_HOLDER]

    पीड़ित परिवार को मिले सहायता

    इस हादसे में घायल परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। प्रशासन और सामाजिक संगठनों को चाहिए कि वे पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर हुए इस हादसे में दोनों राज्यों के प्रशासन को समन्वय स्थापित कर जांच को तेजी से पूरा करना चाहिए। मुआवजे की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जानी चाहिए। इसके साथ ही, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए बने कानूनी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

    निष्कर्ष: सुरक्षा ही सर्वोपरि

    बलरामपुर के पास हुआ यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर हमें याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सब की साझी जवाबदेही है। वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन, गति सीमा का ध्यान रखना और नशे की हालत में वाहन न चलाना जैसी बुनियादी सावधानियां कई जिंदगियां बचा सकती हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस घटना से सबक लेते हुए एनएच-18 पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े। राष्ट्रीय राजमार्ग 18 की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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