लेखक: इंद्र यादव
मुंबई के विरार इलाके में नारकोटिक्स विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 वर्षीय युवक को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह मामला नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नशे के सौदागरों पर शिकंजा: विरार में बड़ी कार्रवाई
इंद्र यादव/मुंबई/उम्र अभी कच्ची है, कंधों पर दुनिया का बोझ उठाने के बजाय सपनों की उड़ान भरने का वक्त था, लेकिन जनाब को शॉर्टकट से रातों-रात ‘सुल्तान’ बनने का भूत सवार था। विरार पूर्व के व्यस्त फूलपाड़ा रोड पर नारकोटिक्स विभाग की टीम ने एक ऐसे ही कम उम्र के शातिर खिलाड़ी को धर दबोचा है, जो अपनी जवानी को पुलिस के रिकॉर्ड में अपराधी के तौर पर दर्ज कराने में जुटा था।
गिरफ्तारी और जब्ती का विवरण
नशे की पोटली और मोबाइल का खेल पुलिस के हत्थे चढ़े इस 18 वर्षीय उदीयमान तस्कर का नाम नितीन सखाराम चौगुले है। महाशय के पास से कुल 248 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी बाजार में कीमत महज 17,400 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही एक अदद मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसके जरिए शायद वह अपने ‘आला दर्जे’ के ग्राहकों से डील किया करता था। कुल जब्ती का आंकड़ा 22,400 रुपये पर जाकर थमता है। सोचिए, चंद हजार रुपयों के इस मामूली सौदे के चक्कर में इस नौजवान ने अपनी पूरी जवानी और भविष्य को दांव पर लगा दिया।
कानूनी कार्रवाई और NDPS एक्ट
खाकी के शिकंजे में ‘सुल्फा किंग’ आजकल की नई पीढ़ी को लगता है कि कानून उनकी जेब में है और वे पुलिस की नजरों से बचकर कुछ भी कर लेंगे। लेकिन नारकोटिक्स और विरार पुलिस की चौकसी ने इन हवा में उड़ने वाले परिंदों को जमीन पर ला पटका है। आरोपी नितीन के खिलाफ विरार पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की बेहद सख्त धाराओं, यानी धारा 8(क) और 20(ब) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिक जानकारी के लिए NDPS एक्ट देखें।
जांच का दायरा बढ़ा
अब आगे क्या! सलाखों के पीछे पहुंचे नितीन बाबू अब पुलिस की मेहमानवाजी का आनंद ले रहे हैं। खाकी अब इस बात की टटोलबीन करने में जुटी है कि इस 18 साल के छोकरे के पीछे असली सरगना कौन है। आखिर इतनी कम उम्र में उसे माल सप्लाई करने वाला थोक विक्रेता कौन है, जो मासूमों को नशे की इस दलदल में धकेल रहा है।
नशे के सौदागरों के लिए सबक
नशे के सौदागरों के लिए यह किसी बड़े तमाचे से कम नहीं है। कानून का डंडा जब चलता है, तो बड़े-बड़े सूरमाओं के होश ठिकाने आ जाते हैं, फिर यह तो महज एक नया-नवेला मोहरा था।
मुंबई में नशे का बढ़ता जाल
महानगर मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में नशे का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। विरार, नालासोपारा, वसई जैसे इलाकों में युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक साल में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। नशे के सौदागर स्कूल-कॉलेज के आसपास अपनी पैठ बना रहे हैं और कम उम्र के लड़कों को कैरियर के रूप में तस्करी की ओर धकेल रहे हैं। यह गिरफ्तारी उसी कड़ी का एक हिस्सा है जहां पुलिस न केवल तस्करों को पकड़ रही है बल्कि उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है।
युवाओं के लिए संदेश
यह घटना उन सभी युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में गलत रास्ता चुन लेते हैं। 18 साल की उम्र पढ़ाई, करियर और सपने देखने की होती है, न कि सलाखों के पीछे पहुंचने की। नितीन चौगुले का उदाहरण सामने है कि कैसे चंद हजार रुपयों के लालच में पूरी जिंदगी बर्बाद हो सकती है। माता-पिता से भी अनुरोध है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें। पुलिस और समाज को मिलकर इस बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।

