बिना श्राद्ध भोज के वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ संपन्न हुआ दिनेश दादा का श्राद्ध कर्म
*श्राद्ध से विदेही आत्मा का कोई फायदा नहीं होता श्राद्धकर्ता की मानसिक शांति के लिए होता है*
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जमशेदपुर 31 अगस्त 2023
बिना श्राद्ध भोज के वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ संपन्न हुआ दिनेश दादा का श्राद्ध कर्म
स्वर्गीय दिनेश दादा का निधन ह्रदय गति रूक जाने के कारण हुआ था आज आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से स्वर्गीय दिनेश दादा जी का श्राद्धनुष्ठान का कार्यक्रम आचार्य गुनींद्रानंद अवधूत ने संपन्न करवाया सबसे पहले ईश्वरप्रणीधान के बाद श्राद्ध का मंत्र आचार्य गुनींद्रानंद अवधूत के द्वारा उच्चारित किया गया उसके बाद उपस्थित लोगों ने भी मंत्र का उच्चारण किया मंत्र. “ॐ मधु वाता ऋतायते मधुं क्षरन्तु सिन्धवः ।
माध्वीर्नः सन्त्वोषधीः
मधु नक्तमुतोषसो मधुमत्पार्थिवं रजः ।
मधु द्यौरस्तु नः पिता ।।
मधुमान्नो वनस्पति र्मधुमान् अस्तु सूर्यः ।
माध्वीर्गावो भवन्तु नः ॥
ॐ मधु ॐ मधु ॐ मधु ” हे परमेश्वर हम लोगों के परम आत्मीय दिनेश दादा की विदेही आत्मा आज मरणसील जगत के ऊपर जगत के सुख -दुख से बाहर है |हे परमेश्वर उनकी अमर आत्मा उत्तरोत्तर प्रसार लाभ करें |आचार्य गुनींद्रानंद अवधूत ने कहा कि श्राद्ध से विदेही आत्मा का कोई फायदा नहीं होता श्राद्धकर्ता की मानसिक शांति के लिए होता है शोक समय में अपने को व्यर्थ कष्ट देना या लोगों को दिखाने के उद्देश्य से बेवजह कोई काम नहीं करना चाहिए शोक का समय 12 दिन से अधिक नहीं होना चाहिए 12 दिन के भीतर ही किसी भी दिन सुविधानुसार श्राद्धकर्म संपन्न कर सकते हैं अंत में. “सर्वेत्र भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु

