लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में आयोजित मासिक लोक अदालत में कुल 106 मामलों का निष्पादन किया गया और ₹20,02,685 की राजस्व प्राप्ति हुई।
मासिक लोक अदालत की मुख्य उपलब्धियां
राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में सिविल कोर्ट जमशेदपुर और घाटशिला में आज शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के निर्देशानुसार मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
इस संबंध में डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि इस विशेष अवसर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामलों के निपटारे के लिए एक विशेष लोक अदालत पीठ का भी गठन किया गया था।
विस्तृत आंकड़े और विवरण
- इस मासिक लोक अदालत में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामलों का निपटारा किया गया जिसमें यूनियन बैंक से जुड़े कुल 21 मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया, जिसमें कुल ₹16,90,000/- की समझौता राशि तय की गई।
- जबकि इस मासिक लोक अदालत के दौरान बैंक सहित विभिन्न प्रकार के कुल 106 मामलों का निपटारा किया गया।
- इस तरह इन सभी 106 मामलों में बैंक सहित कुल ₹20,02,685 की रिकवरी/समझौता राशि दर्ज की गई।
- मासिक लोक अदालत में त्वरित न्याय और सुगम सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए जमशेदपुर और घाटशिला सिविल कोर्ट परिसरों में कुल 10 न्यायपीठों (Benches) का गठन किया गया था।
- इस लोक अदालत में बिजली, पानी, बैंकिंग, एक्साईज एक्ट से जुड़े कई विवादों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई।
मासिक लोक अदालत की इस सफलता से स्थानीय नागरिकों में न्यायिक प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि ऐसी लोक अदालतें हर माह आयोजित की जाएंगी ताकि लंबित मामलों का त्वरित निपटारा हो सके। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने विवादों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाएं, क्योंकि यह समय और धन दोनों की बचत करता है।
डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि इस बार विशेष रूप से बैंकिंग विवादों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अलावा अन्य बैंकों के मामले भी अगली लोक अदालत में लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी जिलों में मासिक लोक अदालतों का आयोजन अनिवार्य है।
घाटशिला सिविल कोर्ट में भी समानांतर रूप से लोक अदालत का आयोजन किया गया जहां ग्रामीण क्षेत्रों के विवादों का निपटारा हुआ। वहां बिजली बिल, पानी बिल और भूमि विवाद से जुड़े मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। न्यायपीठों में न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया।
इस आयोजन की सफलता पर जिला प्रशासन ने भी संतोष व्यक्त किया। उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि लोक अदालतें न्याय तक आम आदमी की पहुंच सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम हैं। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रशासनिक सहयोग जारी रहेगा।

