लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
लंबित मामलों के जल्द निष्पादन पर जोर
पूर्वी सिंहभूम जिले में लंबित मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने पुलिस कार्यालय सभागार में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न थाना क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित पड़े आपराधिक मामलों की प्रगति का आकलन करना और उनके शीघ्र निष्पादन के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था। एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्याय में देरी न्याय से इनकार के समान है, इसलिए हर हाल में पेंडेंसी कम करनी होगी।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय सभागार में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ लंबित कांडों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न थाना क्षेत्रों में लंबित मामलों की प्रगति का आकलन करते हुए उनके शीघ्र निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
समीक्षा के दौरान पुराने और गंभीर प्रकृति के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को अनुसंधान में तेजी लाने और साक्ष्यों के आधार पर मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने केस डायरी के अद्यतन रखने और फोरेंसिक साक्ष्यों को प्राथमिकता से जांच के लिए भेजने पर भी बल दिया।
अपराध नियंत्रण के लिए बहुआयामी रणनीति
बैठक में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। एसएसपी ने गैंग से जुड़े अपराधियों और आदतन अपराधियों के खिलाफ सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया तेज करने, दागी अपराधियों के डोजियर को अद्यतन रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों का आपराधिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया। यह कदम संगठित अपराध की कमर तोड़ने में कारगर साबित होगा।
इसके अलावा वांछित और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने तथा गंभीर मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पुलिस पदाधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराध नियंत्रण के लिए समन्वित प्रयासों पर भी चर्चा की गई। थाना स्तर पर बीट पुलिसिंग को मजबूत करने और सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए जनता का विश्वास जीतने पर भी विमर्श हुआ।
इस बैठक के नतीजे जमशेदपुर की जनता के लिए राहत भरे साबित हो सकते हैं क्योंकि लंबित मामलों के जल्द निष्पादन से न केवल पीड़ितों को न्याय मिलेगा बल्कि अपराधियों में भी कानून का भय पैदा होगा। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट झारखंड पुलिस पर भी नागरिक सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है। एसएसपी के सख्त तेवर से साफ है कि आने वाले दिनों में पुलिसिया कार्रवाई और तेज होगी। जिले के नागरिकों से भी अपील है कि वे पुलिस का सहयोग करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें ताकि अपराध मुक्त समाज का निर्माण हो सके।

