लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
मोहन कर्मकार की धर्मपत्नी के निधन पर संजीव सरदार ने जताया शोक व्यक्त करते हुए पोटका के विधायक संजीव सरदार ने शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात की। झारखंड आंदोलन के जाने-माने नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य मोहन कर्मकार की धर्मपत्नी के निधन की खबर मिलते ही विधायक उनके जमशेदपुर स्थित आवास पर पहुंचे। इस दुखद घड़ी में उन्होंने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोहन कर्मकार की धर्मपत्नी के निधन पर संजीव सरदार ने जताया शोक
जमशेदपुर में शोक की लहर दौड़ गई जब झारखंड आंदोलनकारी मोहन कर्मकार की धर्मपत्नी के निधन का समाचार फैला। पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार तुरंत उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने मोहन कर्मकार जी से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। विधायक ने कहा कि इस अपूरणीय क्षति की भरपाई असंभव है। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा झामुमो परिवार उनके साथ खड़ा है।
विधायक संजीव सरदार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। इस मौके पर झामुमो के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित की।
संजीव सरदार ने परिवार को दिया ढांढस
पोटका विधायक संजीव सरदार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोना अत्यंत पीड़ादायक होता है। उन्होंने मोहन कर्मकार जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने झारखंड अलग राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे कर्मठ नेता के परिवार पर आई इस विपत्ति में साथ खड़ा होना हम सबका कर्तव्य है।
विधायक ने आगे कहा, “दुख की इस घड़ी में मोहन कर्मकार जी एवं उनका पूरा परिवार स्वयं को अकेला न समझे। पूरा झामुमो परिवार उनके साथ खड़ा है।” यह बयान पार्टी की संवेदनशीलता और अपने कार्यकर्ताओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विधायक ने आवास पर काफी समय बिताया और परिवार के हर सदस्य से मिलकर उनका हालचाल जाना।
झामुमो परिवार ने जताई गहरी संवेदना
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से भी शोक संदेश जारी किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मोहन कर्मकार की धर्मपत्नी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। पार्टी कार्यालय में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई। जिला स्तर के पदाधिकारियों ने भी आवास पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की।
मोहन कर्मकार लंबे समय से पार्टी के समर्पित सिपाही रहे हैं। झारखंड आंदोलन के दौरान उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही है। वर्तमान में वे पार्टी के केंद्रीय सदस्य के रूप में संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं। उनके निजी जीवन में आई इस क्षति को पार्टी अपनी सामूहिक क्षति मानती है। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आंदोलनकारियों के योगदान का उल्लेख मिलता है।
जमशेदपुर में शोक की लहर
जमशेदपुर शहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इस निधन पर शोक व्याप्त है। विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मोहन कर्मकार के आवास पहुंचकर संवेदना व्यक्त की। पूर्वी सिंहभूम जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी दुख जताया। सभी ने एक स्वर में दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई। इस दौरान भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। विधायक संजीव सरदार अंतिम समय तक परिवार के साथ मौजूद रहे। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि परिवार को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उनकी इस संवेदनशील पहल की सर्वत्र सराहना हो रही है।

