सुवर्णरेखा नदी में मछलियों की सामूहिक मौत, प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर से होकर बहने वाली सुवर्णरेखा नदी में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। अनुमान है कि करीब 4 क्विंटल से अधिक मछलियां मृत अवस्था में पाई गईं। भुइंयाडीह लाल भट्ट नदी किनारे स्लम बस्ती के पास बड़ी संख्या में मृत मछली पाई गई है
सुबह जब बस्ती के लोग नदी किनारे पहुंचे, तब उन्होंने बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियों को किनारे पर जमा देखा। इन मछलियों का वजन लगभग 250 ग्राम से लेकर डेढ़ किलोग्राम तक बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृत मछलियों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
बताया जा रहा है कि सुवर्णरेखा नदी का पानी पहले से ही प्रदूषित है। चांडिल डैम से छोड़ा गया पानी करीब 30 किलोमीटर बहने के बाद खरकई नदी से मिलता है, जहां आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषित पानी भी इसमें मिल जाता है। इससे नदी में प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है, जो मछलियों की मौत का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मछलियों की मौत पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है, तो इनके सेवन से स्वास्थ्य पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर किसी रासायनिक प्रदूषण या जहरीले तत्व इसकी वजह हैं, तो ऐसी मछलियों का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

