Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ऊर्जा संकट को लेकर शिवसेना का केंद्र पर हमला, कहा- बिजली संकट सरकार की नाकामी
    Breaking News Headlines

    ऊर्जा संकट को लेकर शिवसेना का केंद्र पर हमला, कहा- बिजली संकट सरकार की नाकामी

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 7, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्‍ली. शिवसेना ने देश में तेजी से बढ़ रहे ऊर्जा संकट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश में जिस तरह से ‘ऊर्जा’ संकट मंडरा रहा है, उसके लिए केंद्र सरकार किस पर उंगली उठाएगी? सरकार के संबंधित विभागों को कोयले की कम उपलब्धता और उसकी वजह से उत्पन्न होने वाला बिजली संकट का पूर्वानुमान नहीं होना, सरकार की नाकामी को बताता है.पानी नाक के ऊपर चला जाए ऐसी भयंकर अवस्था होने तक केंद्र सरकार क्या कर रही थी, यह सवाल उठता ही है. ये समस्या निश्चित तौर पर एक दिन में खड़ी नहीं हुई होगी इसलिए समय पर उचित कदम उठाए गए होते तो आज बिजली उत्पादन पर जो प्रश्नचिह्न लगे हैं, वे नहीं लगे होते.
    फिलहाल हमारा देश हर ओर अंधेरे में धकेला जा रहा है. उसमें कोयले की कमी के कारण बिजली का उत्पादन ठप होने से पूरा देश अंधेरे में धकेल ही दिया गया तो अलग क्या होगा? जिस लोकतंत्र का ढिंढोरा पीटा जाता है, उस लोकतंत्र का भविष्य अंधकारमय है. 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का ढोल पीटे जाने के दौरान कोयले के अभाव में बिजली उत्पादन ठप होने से यह ‘अंधेरा’ और गहरा होने वाला है तो इसे बदलने वाले देश का नया विकास कहा जाए क्या?उबरती देश की अर्थव्यवस्था पर ‘कोयला संकट’ का खतरा मंडरा रहा है. देश के कोयला संचालित स्टेशन में ईंधन की भयंकर कमी आ गई है. वहीं, सरकार भी स्थिति को असामान्य और अनिश्चित बता रही है. भारत में करीब 70 फीसदी बिजली का उत्पादन कोयला से चलने वाले स्टेशन में होता है. हालांकि, भारत ही नहीं यूरोप, चीन में कई जगहों पर ऊर्जा का संकट बढ़ रहा है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleIPL 2021 : हैदराबाद ने अंतिम गेंद पर बैंगलोर को 4 रन से दी मात
    Next Article कांग्रेस-सपा चाहती हैं खून की नदियां बहें और वे नाव चलाकर सत्ता सिंहासन तक पहुंचें’: उमा भारती

    Related Posts

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    June 6, 2026

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    June 5, 2026

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस अलर्ट

    June 5, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    उथल-पुथल में पश्चिम बंगाल की राजनीति: टीएमसी की चुनौतियां

    झारखंड: प्रणव झा की राज्यसभा उम्मीदवारी और कांग्रेस का संदेश

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    भारत में कोचिंग उद्योग: शिक्षा के बाजारीकरण का नया चेहरा

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस अलर्ट

    विश्व पर्यावरण दिवस पर बागडेहरी थाना परिसर में किया गया वृक्षारोपण

    प्री-एसआईआर गतिविधि के तहत निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण

    रामगढ़ में एसबीआई बैंक में चोरी के अलर्ट से मचा हड़कंप, जांच में निकला तकनीकी कारण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान, हजारों पौधे लगाने का संकल्प

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.