सीएसआईआर-एनएमएल में ईएमबीटी-2025 का शुभारंभ: खनिज परिशोधन में नवाचार और स्थिरता पर फोकस
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: खनिज परिशोधन के क्षेत्र में नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने हेतु ईएमबीटी-2025 सम्मेलन का शुभारंभ सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में हुआ। उद्घाटन समारोह में निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने देशभर से आए विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि खनिज संसाधनों का दक्ष और पर्यावरण अनुकूल उपयोग भारत की औद्योगिक प्रगति और सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. देवव्रत मिश्रा ने बताया कि यह मंच शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं को एकत्र कर ऊर्जा दक्ष और ज़ीरो-वेस्ट तकनीकों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री संजीव कुमार सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड, ने खनिज परिशोधन को भारत की आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय दायित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

डॉ. आर.के. रथ, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं संयोजक ने जानकारी दी कि तीन दिवसीय सम्मेलन में 22 संस्थानों से लगभग 150 प्रतिनिधि, 66 शोध पत्र, 9 तकनीकी सत्र, तथा एक पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रतिभागियों में टाटा स्टील, हिंदुस्तान जिंक, सेल, कोल इंडिया, आईआईटी व सीएसआईआर संस्थान शामिल हैं।

सम्मेलन में श्री सुबोध पांडे (टाटा स्टील), डॉ. पी.के. बनर्जी (सीआईएमएफआर), प्रो. डी.के. सिंह (आईआईटी-आईएसएम धनबाद) समेत अन्य विशेषज्ञों द्वारा प्लेनरी व्याख्यान दिए गए। समापन पर डॉ. राजेंद्र कुमार रथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
ईएमबीटी-2025 सम्मेलन भारत के खनिज परिशोधन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, औद्योगिक सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है।


