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    Home » गिरिडीह में झामुमो का जोरदार प्रदर्शन, MMDR संशोधन बिल वापस लेने की मांग
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    गिरिडीह में झामुमो का जोरदार प्रदर्शन, MMDR संशोधन बिल वापस लेने की मांग

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 21, 2026No Comments3 Mins Read
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    MMDR संशोधन बिल
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    गिरिडीह। केंद्र सरकार के MMDR संशोधन बिल के विरोध में शुक्रवार को झामुमो ने गिरिडीह में जोरदार प्रदर्शन किया।

    MMDR संशोधन बिल के खिलाफ झामुमो का विरोध जारी

    जिला अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च निकाला, जो बस स्टैंड होते हुए टावर चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और बिल वापस लेने की मांग की।

    संजय सिंह ने MMDR संशोधन बिल को काला कानून बताते हुए कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इसके खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन की सूचना को लेकर भी विरोध जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगी और किसी भी अपमानजनक प्रयास का संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा।

    प्रदर्शन में जिला महासचिव महालाल सोरेन, शाहनवाज अंसारी, कृष्ण मुरारी शर्मा, उप महापौर सुमित कुमार समेत बड़ी संख्या में झामुमो नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि MMDR संशोधन बिल के खिलाफ उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।

    MMDR संशोधन बिल क्या है और क्यों हो रहा विरोध?

    खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन के लिए लाया गया MMDR संशोधन बिल खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने और खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव करता है। हालांकि, झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत कई विपक्षी दलों और आदिवासी संगठनों का आरोप है कि यह बिल राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण करता है और प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय समुदायों के नियंत्रण को कमजोर करेगा।

    झामुमो का मानना है कि इस संशोधन से खनिज संपदा की लूट बढ़ेगी और पर्यावरणीय मानदंडों की अनदेखी होगी। पार्टी ने मांग की है कि केंद्र सरकार इस बिल को तत्काल वापस ले और खनन नीति पर राज्यों के साथ व्यापक परामर्श करे। अधिक जानकारी के लिए खनन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

    गिरिडीह में आंदोलन की रूपरेखा

    शुक्रवार सुबह 10 बजे झामुमो कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में जुटे। वहां से नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। बस स्टैंड, बड़ा चौक, कचहरी रोड होते हुए जुलूस टावर चौक पहुंचा। इस दौरान यातायात कुछ देर के लिए प्रभावित रहा। पुलिस बल तैनात रहा लेकिन किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

    टावर चौक पर धरना स्थल पर संजय सिंह के अलावा वरिष्ठ नेता महालाल सोरेन ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल झामुमो की नहीं, बल्कि झारखंड के जल-जंगल-जमीन की रक्षा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिल वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रखंड और पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की रणनीति

    झामुमो के इस प्रदर्शन पर सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगी दलों ने भी समर्थन जताया है। कांग्रेस और राजद के स्थानीय नेता धरना स्थल पर पहुंचे और एकजुटता दिखाई। वहीं, भाजपा ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। जिला भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि MMDR संशोधन बिल विकासोन्मुखी है और विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।

    झामुमो नेतृत्व ने आगामी दिनों में जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और विधानसभा घेराव की योजना बनाई है। पार्टी ने अपने सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया है। संजय सिंह ने कहा कि हम संवैधानिक दायरे में रहकर तब तक लड़ेंगे जब तक यह काला कानून वापस नहीं हो जाता।

    MMDR बिल गिरिडीह झारखंड राजनीति विरोध प्रदर्शन
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