झारखंड ट्रेजरी घोटालों पर सख्ती: 26 साल की निकासी की होगी जांच, दोषियों की संपत्ति जब्त होगी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची:झारखंड सरकार ने सरकारी खजाने में गड़बड़ियों पर बड़ा एक्शन लेने का फैसला किया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ऐलान किया है कि राज्य गठन (2000) से अब तक ट्रेजरी से हुई हर निकासी की सूक्ष्म जांच होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चर्चा के बाद सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए साफ किया है कि दोषियों से एक-एक रुपये की वसूली उनकी चल-अचल संपत्ति बेचकर की जाएगी।
बोकारो और हजारीबाग में सामने आए बड़े घोटालों की जांच के लिए एक IAS अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष टीम बनाई जाएगी, जिसमें महालेखाकार (AG) कार्यालय के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। जिलों में दर्ज मामलों को CID को सौंपने की तैयारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। राज्य के 24 जिलों की 33 ट्रेजरी जांच के दायरे में हैं।
रांची ट्रेजरी भी जांच के घेरे में है, जहां पिछले तीन साल के पुलिस वेतन भुगतान की समीक्षा की जा रही है। शुरुआती जांच में गड़बड़ी नहीं मिली है, लेकिन एहतियातन अब ट्रेजरी से भुगतान के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि अब पूरे सिस्टम की व्यापक सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

