जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 20–21 दिसंबर को, पर्यावरण संरक्षण रहेगा मुख्य फोकस
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर, 30 नवंबर। जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का आयोजन 20–21 दिसंबर को होटल रामाडा, बिस्टुपुर में किया जाएगा। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में साहित्य, कला, संस्कृति, जनजातीय परंपरा और पत्रकारिता से जुड़े विविध सत्र होंगे, जबकि इस वर्ष का मुख्य केंद्र-बिंदु पर्यावरण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जनभागीदारी रहेगा।

फेस्टिवल के दूसरे दिन अपराह्न 3 बजे “Green Revolution 2.0: जल, जंगल और जन–भागीदारी” विषय पर महत्वपूर्ण सत्र होगा। इसमें राजस्थान के दो प्रतिष्ठित पर्यावरण कार्यकर्ता पद्मश्री सुंडाराम वर्मा और पद्मश्री लक्ष्मण सिंह, झारखंड की “लेडी टार्जन” पद्मश्री जमुना टुडू, तथा राजनगर की पद्मश्री चामी मुर्मू अपने अनुभव साझा करेंगी। सत्र का संचालन राज्य स्तरीय पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. शिवओम सिंह करेंगे।

इस फेस्टिवल का एक बड़ा आकर्षण 90 वर्षीय प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट, लेखक और पर्यावरण संरक्षक आबिद सुरती की उपस्थिति होगी, जो “Drop Dead Foundation” के माध्यम से पानी बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाते रहे हैं।

आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का मंच बन चुका है, जहां पर्यावरण संरक्षण पर होने वाली चर्चाएँ युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरक सिद्ध होंगी।

