भारतीय खाद्य संस्कृति को अपनाने की सलाह देते हुए ग्राहक पंचायत महिला आयाम ने आयोजित की एक बैठक।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
“भारतीय खाद्य संस्कृति को अपनाने से हम स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। आज जितनी भी बीमारियां हो रही हैं इसका प्रमुख कारण पाश्चात्य खाद्य संस्कृति ही है। अतः परिवार में रसोई संभालने वाली हर महिला का कर्तव्य है कि वह भारतीय खाद्य परंपरा को परिवार में स्थापित करें। ” उक्त बातें अतिथि वक्ता नीतू कुमारी, (अध्यक्ष गोंड समाज) ने कहा।
ग्राहक पंचायत के सरायकेला खरसावां जिले में महिला आयाम की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आदित्यपुर रोड नंबर 2 में आयोजित की गई थी।
बैठक में उपस्थित महिला सदस्यों ने परिवार में भारतीय खाद्य संस्कृति को अपनाने पर बल दिया। बैठक का आरंभ ग्राहक गीत और संगठन मंत्र से किया गया। सबों का स्वागत और परिचय दिया पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम प्रमुख प्रीति सिंह ने। ग्राहक पंचायत संगठन और उनके कार्य और उद्देश्य के बारे में विस्तृत चर्चा की झारखंड प्रांत महिला आयाम प्रमुख रूबी लाल जी ने। इन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि कैसे अगर छोटी सी भी जगह हो तो हम लोग उसमें लता वाले पौधे को लगाकर इन्हें छत पर ले जा सकते हैं और गमले में भी सब्जियां उगा सकते हैं ।
नीतू जी ने इस विषय पर आगे बताया कि कैसे हम बच्चों को हरी सब्जियां खाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं और जंक फूड से हम अपने बच्चों को कैसे बचाएं।
कार्यक्रम का संचालन किया महिला आयाम सहप्रमुख विजयलक्ष्मी ने।
कार्यक्रम में पूजा दास गुप्ता, रागनी, रेखा, कंचन,रवि सोनकर, जाना पीहू, लक्ष्मी, राशि, माही और अन्य की भी उपस्थिति रही ।

