Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत का ‘गोवर्धन’ मॉडल: पर्यावरण संरक्षण और भूख मुक्ति
    धर्म मेहमान का पन्ना राष्ट्रीय संपादकीय संवाद विशेष

    भारत का ‘गोवर्धन’ मॉडल: पर्यावरण संरक्षण और भूख मुक्ति

    Nikunj GuptaBy Nikunj GuptaJune 6, 2026No Comments6 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    पर्यावरण संरक्षण
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: डाक्टर दीपक गोस्वामी

    प्रकृति को बचाना आज दुनिया का सबसे बड़ा काम बन गया है। हमारे देश के लिए तो यह साँसों का सवाल है। धरती और मनुष्य का नाता समझाने को श्रीकृष्ण की लीलाएँ ही बहुत हैं। जब इंद्र का गुस्सा बरसा और गोकुल डूबने लगा, तब नन्हे कान्हा ने एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया। सबको छाँव दी, सबकी जान बचाई। उस दिन उन्होंने जग को समझाया कि पेड़, पहाड़, नदी, पशु, पक्षी और मनुष्य एक दूसरे के बिना जी नहीं सकते। गोवर्धन की पूजा करवाकर उन्होंने इंद्र को भी सीख दी कि जो मिट्टी का मान नहीं करेगा, उसका सिंहासन डोल जाएगा। कालिय नाग को नाथकर उन्होंने यमुना का जल फिर से मीठा किया। वह पहला धरती बचाओ आंदोलन था। आज यमुना फिर मैली है। अब कालिय नाग कोई और नहीं, कारखानों का गंदा पानी और काला धुआँ है। वेद कहते हैं कि धरती माँ है और हम सब उसके बच्चे हैं। अथर्ववेद का धरती सूक्त तो पूरी धरती को हरा रखने का पूरा नियम है। उपनिषद कहते हैं कि कण कण में भगवान बसता है। ऐसे में पेड़ काटना, नदी सुखाना, हवा में जहर घोलना सीधे भगवान को रुलाना है। इसी भाव को हमारे कानून में जगह दी गई। हर नागरिक का काम है कि वह हवा, पानी, जंगल, जीव सबकी रक्षा करे।

    [INTERNAL_LINK_HOLDER]

    पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियाँ और भुखमरी का सच

    आज मंच से हर नेता कहता है कि अपना जीने का तरीका बदलो, प्रकृति को बचाओ। दुनिया के सामने हमने वचन दिया है कि 2070 तक हवा में धुआँ मिलाना बंद करेंगे। सूरज की ताकत से सबको जोड़ने के लिए भारत सबसे आगे खड़ा हुआ है। पर गाँव और शहर का सच अलग है। नीति आयोग बताता है कि बिहार में आधे से ज्यादा लोग गरीबी में हैं। झारखंड में भी लगभग आधे लोग गरीब हैं। गरीबी बढ़ती है तो जंगल कटते हैं। पेट की आग बुझाने को लकड़ी बिकती है। खेत को पानी देने को धरती का पानी खींच लिया जाता है। कचरे को जला दिया जाता है। जब पेड़ कटेंगे तो बादल रूठेंगे। बारिश का चक्र टूटेगा। फिर सूखा आएगा। सूखा आएगा तो खेत सूखेगा। खेत सूखेगा तो थाली खाली होगी। थाली खाली होगी तो बच्चा रोएगा। हमारे देश में हर साल दस लाख से ज्यादा लोग पर्याप्त भोजन की कमी से दुनिया छोड़ देते हैं। दुनिया की भूख सूची में हम 125 देशों में 111वें पायदान पर खड़े हैं। यहाँ हर छठा आदमी भरपेट खाना नहीं खा पाता। पर्यावरण संरक्षण के बारे में अधिक जानें।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आज भी हमारे देश में कोई भूख से मरता है। इस बात पर सरकार और अदालत की बात एक नहीं है। अदालत में सरकार ने कहा कि पूरे देश में एक भी मौत भूख से नहीं हुई। संसद में भी जवाब दिया गया कि पिछले चार साल में किसी राज्य ने भूख से मौत की कोई खबर नहीं भेजी। मंत्रालय कहता है कि भूख से मौत की कोई साफ परिभाषा ही नहीं बनी है। दूसरी ओर अदालत ने सभी राज्यों से कागज माँगा कि बताओ भूख से कोई मरा या नहीं। आँकड़े कहते है कागज पर मौत की वजह भूख लिखी ही नहीं जाती। डॉक्टर पर्चे पर लिख देता है कि कमजोरी से मौत हुई, बीमारी से मौत हुई। भूख शब्द छूट जाता है। प्रकृति ही हमको बचा सकती है। हम को पर्यावरण संरक्षण हर हाल करना ही होगा, अगर हम सही सलामत रहना चाहते है, इस विषय पर स्वयं जागते रहो। सभी को जगाते रहो।

    धरती, भूख और हमारे नैतिक कर्तव्य

    इसलिए धरती को बचाना और भूख को मिटाना दो काम नहीं हैं। यह एक ही सिक्के के दो रंग हैं। जब हर साल हजारों टन दूध, सब्जी, फल सड़ जाता है और दूसरी ओर करोड़ों लोग रात को पानी पीकर सो जाते हैं, तो यह बाँटने का फेर नहीं है। यह मन का फेर है। गीता में कान्हा कहते हैं कि अन्न से ही सब प्राणी बनते हैं। अन्न को भगवान कहा है। अन्न उगाने को साफ मिट्टी चाहिए, मीठा पानी चाहिए, खुली हवा चाहिए। अगर हम खेत में जहर डालेंगे तो मिट्टी मर जाएगी। अगर धरती का पानी खींचकर खत्म कर देंगे तो कुआँ सूख जाएगा। अगर पराली जलाकर आसमान काला करेंगे तो साँस लेना भारी होगा। तब अन्न अमृत नहीं, रोग देगा। घर घर जाकर किए गए सर्वे बताते हैं कि कई राज्यों में छोटे बच्चों की कमजोरी बढ़ी है। 2030 तक सबकी थाली भरने का जो सपना दुनिया ने देखा है, उसमें हम अभी बहुत पीछे हैं।

    प्राचीन ज्ञान और आधुनिक समाधान: एक गोवर्धन मॉडल

    इसका रास्ता हमारे पुराने ग्रंथों में भी है और नए विज्ञान में भी। हर गाँव में गोवर्धन जैसा मॉडल खड़ा हो। गाँव की जमीन पर चरागाह हो। गाँव का तालाब पानी से लबालब हो। गाँव के जंगल में फिर से चिड़िया बोले। काम देने वाली योजना को पेड़ लगाने, तालाब गहरा करने, मिट्टी बचाने से जोड़ दो। जहाँ मजदूरी मिले, वहीं धरती भी हरे। जगह जगह अपनी रसोई खुले। कोई भूखा न सोए। अदालत भी यही रसोई माँग रही है। मोटा अनाज फिर से थाली का राजा बने। जहर मुक्त खेती हो। सूरज की ताकत से पानी खींचे। नदी को जोड़ने से पहले नदी को साफ करें। नदी माँ है, उस पर बाँध नहीं, प्यार चाहिए। नेताओं की जुबान पर विकास का मतलब केवल सिक्का न हो। विकास का मतलब हरियाली, खुशहाली, सबकी थाली हो। हमारा कानून बोलता है कि जीने का हक सबको है। जीने के हक में साफ हवा, साफ पानी, भरपेट खाना सब आता है। जब तक आखिरी झोपड़ी तक रोटी, आखिरी बच्चे तक दूध नहीं पहुँचेगा, तब तक दुनिया को अपना कुटुंब कहना झूठ होगा।

    नया कालिय नाग और हमारी जिम्मेदारी

    कान्हा ने माखन बाँटकर सिखाया कि जोड़ना नहीं, बाँटना ही धर्म है। आज फिर लालच के नाग का फन कुचलना है। कारखाने का धुआँ, शहर का कचरा, खेत का जहर यही नया कालिय नाग है। इसे नाथना होगा। यमुना, गंगा, कावेरी, नर्मदा सब मैली हैं। इन्हें माँ कहकर फिर से निर्मल करना होगा। सबके सुख की बात को सिर्फ भजन नहीं, नियम बनाना होगा। स्कूल में बच्चे को पेड़ लगाना सिखाओ। दफ्तर में कागज बचाना सिखाओ। घर में बचा खाना फेंकने से पहले सोचो। त्योहार पर पटाखे नहीं, दीप जलाओ। शादी में फूल की माला से ज्यादा पेड़ की छाँव दो। हर जन्मदिन पर एक पौधा लगाओ। हर मेहमान को तुलसी का बीज दो।

    याद रखो, धरती हमसे नहीं है, हम धरती से हैं। धरती रहेगी तो हम रहेंगे। धरती रोएगी तो हम भी हँस नहीं पाएँगे। इसलिए आज का सबसे बड़ा धर्म, सबसे बड़ा कर्म, सबसे बड़ा देशप्रेम यही है कि हम धरती को माँ मानें। उसकी गोद हरी रखें। उसकी नदियों को बहने दें। उसकी हवा को महकने दें। उसके बच्चों को भूखा न सोने दें। तभी गोवर्धन उठाने का मतलब पूरा होगा। तभी कालिय नाग नाथने का मकसद पूरा होगा। तभी वसुधैव कुटुम्बकम का नारा सच्चा होगा। तभी भारत सच में जग का सिरमौर बनेगा। यही सबसे सरल रास्ता है। यही सबसे सुंदर नवाचार है। पर्यावरण सुरक्षित रहे तभी सबसे बड़ी जीत होगी।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleरांची में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य स्वागत
    Next Article नायगांव में देह व्यापार का भंडाफोड़: महिला एजेंट गिरफ्तार

    Related Posts

    चतरा शूटआउट का खुलासा गाली-गलौज के बाद साथी गार्ड की हत्या, 2017 का हत्यारोपी निकला आरोपी

    July 22, 2026

    सुनील गुप्ता की पहल लाई रंग, 24 घंटे में शुरू हुआ बागबेड़ा रोड नंबर-3 का लीकेज मरम्मत और पक्कीकरण कार्य

    July 22, 2026

    जमशेदपुर: केनरा बैंक की शाखा से गोल्ड लोन का करोड़ों का सोना गायब होने का मामला, एफआईआर दर्ज

    July 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    चतरा शूटआउट का खुलासा गाली-गलौज के बाद साथी गार्ड की हत्या, 2017 का हत्यारोपी निकला आरोपी

    सुनील गुप्ता की पहल लाई रंग, 24 घंटे में शुरू हुआ बागबेड़ा रोड नंबर-3 का लीकेज मरम्मत और पक्कीकरण कार्य

    फुसबंगला तेजाब कांड पर सियासत तेज, राज्य मंत्री ज्योति सिंह मथारू ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

    JPSC ने 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा 2025 की स्थगित, अगली सूचना तक नहीं होगी परीक्षा

    जमशेदपुर: केनरा बैंक की शाखा से गोल्ड लोन का करोड़ों का सोना गायब होने का मामला, एफआईआर दर्ज

    एसआईआर-2026: सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 की तीसरी बैठक, मतदाता सूची सत्यापन पर जोर

    जमशेदपुर में मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाके जलमग्न, पानी में फंसे वाहन

    मुख्य डाकघर को ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप; पुलिस ने शुरू की जांच।

    एसआईआर को लेकर हनफिया उच्च विद्यालय मतदाता केंद्र पर बीएलओ-बीएलए-2 की बैठक

    नीट और पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला दहन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.