नई दिल्ली. भारत ने विदेशी नागरिकों के लिए ई-वीजा व्यवस्था को और आसान बनाते हुए 11 नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं को इसके दायरे में शामिल किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को इन नए प्रवेश बिंदुओं को अधिसूचित किया. इसके साथ ही भारत में ई-वीजा धारकों के लिए प्रवेश और निकास की सुविधा देने वाले अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों और अन्य प्रवेश बिंदुओं की कुल संख्या बढ़कर 88 हो गई है. सरकार के इस कदम से अब हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों, सड़क सीमा चौकियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं के माध्यम से ई-वीजा लेकर भारत आने वाले विदेशी यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, नए जोड़े गए 11 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं में नौ स्थल सीमा चौकियां और दो हवाई अड्डे शामिल हैं. इनमें पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी, मणिपुर का मोरेह, मेघालय का डॉकी, पश्चिम बंगाल के जयगांव, हरिदासपुर, गेडे और घोजाडांगा, असम का दारंगा तथा अगरतला सहित अन्य प्रवेश बिंदु शामिल हैं. इन स्थानों को ई-वीजा धारक विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश और देश से बाहर जाने की सुविधा के लिए अधिकृत किया गया है.
नए प्रवेश बिंदुओं को शामिल किए जाने के बाद अब ई-वीजा के जरिए भारत आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए कुल 88 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदु उपलब्ध हो गए हैं. इनमें 37 हवाई अड्डे, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 स्थल सीमा प्रवेश बिंदु शामिल हैं. इससे भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए प्रवेश के विकल्प पहले की तुलना में और व्यापक हो गए हैं.
गृह मंत्रालय ने कहा है कि सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश की वीजा व्यवस्था को उदार, सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. इसका उद्देश्य वैध विदेशी यात्रियों के लिए भारत की यात्रा को आसान बनाना है. साथ ही आधुनिक तकनीकी ढांचे को मजबूत कर आंतरिक सुरक्षा को भी बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है.
सरकार के अनुसार, नए प्रवेश बिंदुओं को अधिसूचित करने का फैसला नए आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस नए कानून ने पहले लागू विदेशी अधिनियम की जगह ली है. अधिकारियों के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत हवाई, समुद्री, स्थल और रेल मार्गों से भारत में आने-जाने की व्यवस्था को एक समान ढांचे के अंतर्गत लाने का प्रयास किया जा रहा है.
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नए प्रवेश बिंदुओं की अधिसूचना से यात्रियों को अधिक स्पष्टता मिलेगी और अलग-अलग माध्यमों से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए आव्रजन सुविधाओं को एक समान बनाने में मदद मिलेगी. इससे सीमा और प्रवेश बिंदुओं पर प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाने की उम्मीद है.
भारत में ई-वीजा व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी. उस समय यह सुविधा 43 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध थी. धीरे-धीरे इसका विस्तार किया गया और वर्तमान में 172 देशों के नागरिक भारत के लिए ई-वीजा सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. सरकार ने इसे भारतीय वीजा व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है.
ई-वीजा व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रॉनिक यात्रा अनुमति यानी ईटीए जारी की जाती है. इसके माध्यम से विदेशी नागरिक भारत की यात्रा से पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. यह व्यवस्था विशेष रूप से पर्यटन से जुड़े यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हुई है. इसके अलावा विद्यार्थी, चिकित्सा उपचार, समूह यात्रा और पारगमन सहित कई श्रेणियों के लिए भी ई-वीजा उपलब्ध है.
वर्तमान में ई-वीजा की सुविधा 17 अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध बताई गई है. इनमें पर्यटन, विद्यार्थी, चिकित्सा, समूह आगंतुक और पारगमन जैसी श्रेणियां शामिल हैं. सरकार का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के विस्तार से विदेशी यात्रियों को भारत आने की प्रक्रिया में सुविधा मिली है और वीजा जारी करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित हुई है.
गृह मंत्रालय के मुताबिक ई-वीजा के लिए आने वाले करीब 95 प्रतिशत आवेदन 72 घंटे से कम समय में निपटाए जाते हैं. इससे विदेशी यात्रियों को भारत यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिलती है. सरकार का मानना है कि तेज प्रक्रिया और अधिक प्रवेश बिंदुओं की उपलब्धता भारत को विदेशी पर्यटकों, विद्यार्थियों, चिकित्सा यात्रियों और अन्य वैध विदेशी यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक गंतव्य बनाने में मदद करेगी.
नए प्रवेश बिंदुओं को शामिल करने का फैसला केवल पर्यटन के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं माना जा रहा है, बल्कि भारत की सीमा प्रबंधन व्यवस्था के लिए भी इसका महत्व है. अटारी, मोरेह, डॉकी और अन्य स्थल सीमा चौकियों को ई-वीजा नेटवर्क में शामिल किए जाने से सड़क मार्ग से आने वाले विदेशी यात्रियों को भी अधिक विकल्प मिलेंगे. वहीं नए हवाई प्रवेश बिंदु हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएंगे.
भारत सरकार की कोशिश अब ऐसी व्यवस्था विकसित करने की है जिसमें विदेशी यात्रियों के लिए वीजा प्रक्रिया सरल हो, प्रवेश के अधिक विकल्प उपलब्ध हों और आव्रजन प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी तरीके से संचालित की जा सके. नए कानून के तहत प्रवेश और निकास बिंदुओं को एक समान ढांचे में लाने का उद्देश्य भी इसी दिशा में देखा जा रहा है.
गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद ई-वीजा धारकों के लिए भारत में प्रवेश के विकल्प पहले की तुलना में काफी बढ़ गए हैं. 2014 में 43 देशों से शुरू हुई ई-वीजा सुविधा अब 172 देशों तक पहुंच चुकी है और 88 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं तक इसका विस्तार हो गया है. सरकार के अनुसार, आने वाले समय में तकनीक आधारित सुविधाओं को और मजबूत कर विदेशी यात्रियों के लिए भारत की वीजा व्यवस्था को अधिक सरल और सुगम बनाने पर जोर जारी रहेगा.

