यूसीआईएल खदान क्षेत्रों में बढ़ता औद्योगिक असंतोष, हड़तालों से उत्पादन पर असर की आशंका
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ एवं भाटीन खदान क्षेत्रों में बीते कुछ महीनों से औद्योगिक असंतोष की स्थिति बनी हुई है। ठेका मजदूरों और कर्मचारियों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर बार-बार हड़ताल और कार्य बहिष्कार किए जाने से कंपनी के कामकाज पर असर पड़ता दिख रहा है।
जमीनी स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में कई बार कामकाज प्रभावित हुआ है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि उत्पादन से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन लगातार हो रही बाधाओं ने उत्पादन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, खदान क्षेत्रों में समय-समय पर कार्य ठप रहने से उत्पादन लक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है। मजदूर संगठनों का आरोप है कि उनकी लंबित मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के कारण असंतोष बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर कार्य प्रणाली पर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि कंपनी में नए सीएमडी को पदभार संभाले छह माह से अधिक समय हो चुका है, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर औद्योगिक माहौल में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। इससे प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि इस पूरे मामले में कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही श्रमिक असंतोष का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में उत्पादन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

