यूसीआईएल के खिलाफ विस्थापितों का आक्रोश, विधायक जयराम महतो को सौंपा ज्ञापन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। यूसीआईएल प्रबंधन द्वारा विस्थापितों की अनदेखी और वादा खिलाफी को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में विस्थापित महिला आशा उरांव ने झारखंड टाइगर के नाम से प्रसिद्ध डुमरी विधायक जयराम महतो से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की मांग की।
आशा उरांव ने आरोप लगाया कि यूसीआईएल द्वारा भूमि अधिग्रहण के समय किए गए समझौतों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे विस्थापित परिवारों को रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी जमीन पर जबरन गेट बनाया जा रहा है, जबकि न तो उन्हें नौकरी दी गई है और न ही उचित मुआवजा मिला है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में विस्थापित परिवारों को 100% रोजगार, आश्रितों को नौकरी, ठेका कार्यों में प्राथमिकता, समुचित पुनर्वास, सीएसआर के तहत क्षेत्र का विकास तथा नौकरी से वंचित लोगों को जीवन निर्वाह भत्ता देने की मांग शामिल है।
यह भी आरोप लगाया गया कि आंदोलन करने पर यूसीआईएल प्रबंधन द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज कर विस्थापितों को परेशान किया जाता है।
कोल्हान पार्टी के अध्यक्ष राजा कालिंदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से मुलाकात की। विधायक जयराम महतो ने मामले में हस्तक्षेप का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि विस्थापितों को न्याय नहीं मिला तो यूसीआईएल के सभी गेट बंद कर दिए

