Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ईरान-इजरायल युद्ध का असर, खाद्य तेलों के दाम में भारी उछाल, मिलावटी तेलों का कारोबार भी बढ़ा
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    ईरान-इजरायल युद्ध का असर, खाद्य तेलों के दाम में भारी उछाल, मिलावटी तेलों का कारोबार भी बढ़ा

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 20, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    अमेरिका इजरायल ईरान युद्ध का असर अब दैनिक जीवन के सामानों के दामों।में महंगाई दिखने लगा हे।

    युद्ध के कारण ईंधन के दाम में लगभग चार रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो जाने से इसका सीधा असर लोगों के दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली खाध्य तेलों में पढ़ने लगा है एक दिन के अंदर ही सरसों तेल के दाम में लगभग ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है ।

    जो सरसों तेल हाथी ब्रांड का दाम सोमवार को 162 रुपया प्रति लीटर था वह बढ़कर अब 172 रुपए प्रति लीटर हो चुकी है ।

    लगभग ₹10 का थोक दाम में बढ़ोतरी हो गई है।

    वहीं खुदरा दाम में 15 से 20 रुपए प्रति लीटर ऊंचे भाव में बाजार में सरसों तेल बिक रहा है।

    वही रिफाइंड तेल के भाव में भी तेजी प्रारंभ हो चुकी है लगभग तीन से चार रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है महाकोष तेल जो ₹1500 प्रति लीटर पेटी बिक रहा था अब वह बढ़कर 1550 रुपए प्रति पेटी हो गया है पाम तेल के भाव में भी ₹50 पेटी की बढ़ोतरी हो चुकी है।

    लगातार थोक विक्रेताओं के द्वारा पूर्ण प्रिंट का माल ही नए दाम में बढ़कर बेचा जा रहा है वही थोक विक्रेताओं के द्वारा मुनाफाखोरी को लेकर भारी मात्रा में तेल स्टॉक कर लिया गया हे अधिक स्टॉक करने के कारण बाजार में कृत्रिम अभाव कर दिया गया है ।

    कृत्रिम अभाव से तेल ऊंचे गांव में बेचा जा रहा है।

    खाध्य तेलों के दाम में बढ़ोतरी से मिलावटखोरो कि भी चांदी हो गई है मिलावट खोरो के द्वारा लगातार मिलावटी खाद तेल को ऊंचे भाव में बेचकर मुनाफा कमाया की जाता है ।

    मिलावट खोरो के द्वारा बंगाल से मिलावटी तेल मंगा कर बाजार में बेचा जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए भारी हानिकारक है।

    मिलावटी तेल शुद्ध तेल से लगभग 300 से ₹400 प्रति तीन 15 किलो कम दाम में होते हैं जिनमें कई तरह के केमिकल मिलाकर सरसों का तेल बना दिया जाता है जो स्वास्थ के लिए भारी हानिकारक होती है।

    मिलावटी तेल के कारण शुद्ध तेलों के बिक्री में भी भारी कमी आ गई है जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है।

    घाटशिला अनुमंडल के घाटशिला ,गालूडीह, मुसाबनी, चाकुलिया ,बहरागोड़ा ,धालभूमगढ़ ,पोटका,हल्दीपुखर,क्षेत्र में थोक विक्रेताओं के द्वारा भारी मात्रा में नकली तेल मिलावटी तेल बेचा जा रहा है जो कि ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर बेचे जा रही है जिसमें जीएसटी के भी भारी चोरी की जाती है ।

    बिना पक्का चालान का ही माल बेच दिया जाता है जिला प्रशासन के जांच पड़ताल नहीं करने से थोक विक्रेताओं का सरकारी को राजस्व की चोरी लगातार जारी हे।

    पहले कई बार मिलावट खोरो के यहां प्रशासन के द्वारा छापेमारी भी की गई है लेकिन अब पूरी तरह से जिला प्रशासन इस मामले को लेकर सुस्त पड़ गई है जिसका लाभ मिलावट खोरो उठा रहे हैं।

    घाटशिला अनुमंडल में लगभग रोजाना तीन करोड़ रूपया का खाद्य तेलों की विक्री थोक विक्रेताओं के द्वारा की जाती है।

    वही खाद्य तेल के थोक विक्रेताओं का कहना है आने वाले समय लगभग 30 से ₹40 प्रति लीटर की और भी बढ़ोतरी हो जाएगी।

    ईंधन तेल के बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने के कारण ही तेलों के दाम में बढ़ोतरी हो रही है।

    खुदरा विक्रेता संघ के द्वारा जिला प्रशासन से यह मांग की गई है की कालाबाजारी के लिए स्टॉक किया गया थोक विक्रेताओं के यहां छापेमारी करने से और मिलावटी तेल बेचने वाले के यहां जांच पड़ताल करने से इसका असर पड़ेगा बाजार में और तेल के महंगाई में कुछ कमी आएगी और मिलावट खोरो में हड़कम मचेगा।

    मिलावटी खाद तेल में विशेष कर टोपी ब्रांड का तेल, फ्यूचर ब्रांड का तेल ,काला घोड़ा का तेल ,डबल हाथी खाद तेल प्रमुख रूप से शामिल है।

     

    यूसील के रिटायर डॉक्टर एस के बनर्जी का कहना है कि मिलावटी खाध्य तेल शरीर के लिए काफी हानिकारक है विशेष कर वह पेट संबंधी बीमारी और भी कई तरह की बीमारी के लिए जिम्मेवार होती है ।

    मिलावटी तेल शरीर के लिए काफी खतरनाक है इसमें कई तरह के खतरनाक केमिकल होते हे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleउपायुक्त का अल्टीमेटम: एक सप्ताह में मंईयां सम्मान योजना के सभी लाभुकों का सत्यापन पूरा करें, अस्पतालों-विद्यालयों के विकास कार्यों में लाएं तेजी
    Next Article आसानबनी पुल निर्माण में अनियमितता का आरोप, निम्न गुणवत्ता सामग्री मिलने पर जेएलकेएम नाराज

    Related Posts

    सट्टेबाजी-ड्रग्स पर सरयू राय का अभियान, हर थाना क्षेत्र में बनेगी निगरानी समिति

    September 21, 2026

    तुरामडीह माइंस में रद्द आरसी वाले वाहन से विस्फोटक परिवहन का आरोप, विधायक सरयू राय को सौंपा ज्ञापन

    September 21, 2026

    जेएसएलपीएस की आमसभा मौदा आजीविका ने रखा सालभर का लेखा-जोखा

    September 21, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    उल्हासनगर में दिनदहाड़े लूट: ठाणे क्राइम ब्रांच ने २४ घंटे में पकड़े ६ आरोपी, ३६ लाख बरामद

    लोरी मासूम थी, शायद हमारी नजर बड़ी हो गई

    सत्रनगरी माजुली में जामुगुरीहाट के युवा पत्रकार चंदन शर्मा को 2026 के ‘नवजागरण समाज संगठक सम्मान’ पुरस्कार की घोषणा

    सट्टेबाजी-ड्रग्स पर सरयू राय का अभियान, हर थाना क्षेत्र में बनेगी निगरानी समिति

    तुरामडीह माइंस में रद्द आरसी वाले वाहन से विस्फोटक परिवहन का आरोप, विधायक सरयू राय को सौंपा ज्ञापन

    जेएसएलपीएस की आमसभा मौदा आजीविका ने रखा सालभर का लेखा-जोखा

    सुंदरनगर में मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के पूजा पंडाल का भूमि पूजन

    साकची में आनंद कारज समारोह, अंसार खान ने नवविवाहित जोड़े को दी शुभकामनाएं

    स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू, हिंदी-संस्कृत के आसान प्रश्नों से खिले विद्यार्थियों के चेहरे

    फुलवरीया में AISF की सदस्यता अभियान: छात्रों ने ली सदस्यता, रोजगार की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.