Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बड़बिल में आवारा पशुओं का जमावड़ा बना मुसीबत, अज्ञात वाहन ने गाय को मारी टक्कर
    Breaking News ओड़िशा

    बड़बिल में आवारा पशुओं का जमावड़ा बना मुसीबत, अज्ञात वाहन ने गाय को मारी टक्कर

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 1, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    आवारा पशुओं का जमावड़ा
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: संजय सिन्हा

    बड़बिल (ओडिशा)। बड़बिल तहसील क्षेत्र और बोलानी टाउनशिप के मुख्य मार्गों व चौक-चौराहों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। सड़क पर बैठे पशुओं के कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, वहीं कई पशु भी वाहनों की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं।

    आवारा पशुओं का जमावड़ा से बढ़ रहीं दुर्घटनाएं

    शुक्रवार की रात बोलानी टाउनशिप स्थित विष्णु मंदिर के समीप मैदान में बैठी एक गाय को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में गाय घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर विष्णु मंदिर मार्केट के दुकानदारों ने मौके पर पहुंचकर गाय के जख्मों पर प्राथमिक उपचार किया और उसे सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

    आवारा पशुओं का जमावड़ा के पीछे का कारण

    स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने बताया कि कई पशुपालक गायों के दूध देने तक उन्हें घर में रखते हैं। दूध देना बंद करने के बाद उन्हें खुले में छोड़ देते हैं। इसके चलते बोलानी के प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर दर्जनों गाय-बैल बैठे या विचरण करते नजर आते हैं।

    लोगों के अनुसार सड़क पर पशुओं के बैठे रहने से वाहन चालकों के लिए अचानक दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार वाहन चालक घायल होते हैं तो पशु भी वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।

    क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को पकड़कर गौशाला या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।

    प्रशासनिक उदासीनता और नागरिकों की मांग

    बड़बिल क्षेत्र में आवारा पशुओं का जमावड़ा लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बोलानी टाउनशिप के मुख्य चौराहों पर शाम ढलते ही दर्जनों गाय-बैल सड़क पर डेरा जमा लेते हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है।

    सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र महंती का कहना है कि “पशुपालकों की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी के चलते आम जनता खतरे में है। हर सप्ताह कोई न कोई हादसा होता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है।” उन्होंने मांग की कि आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और दोषी पशुपालकों पर जुर्माना लगाया जाए।

    सड़क सुरक्षा के उपाय और सरकारी दिशानिर्देश

    सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों में नगर निकायों को पशु पकड़ने वाले दस्ते गठित करने, गौशालाओं की क्षमता बढ़ाने और पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश शामिल हैं।

    ओडिशा सरकार ने भी मुख्यमंत्री गौशाला योजना के तहत प्रत्येक ब्लॉक में गौशाला निर्माण का लक्ष्य रखा है, लेकिन जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन धीमा है। बड़बिल तहसील में अभी तक कोई आधुनिक गौशाला नहीं बनी है, जिससे पकड़े गए पशुओं को रखने की समस्या बनी रहती है।

    भविष्य की राह: सामुदायिक भागीदारी जरूरी

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी। इसमें स्थानीय समुदाय, पशुपालक और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बोलानी मार्केट के दुकानदारों द्वारा घायल गाय का इलाज करना सराहनीय पहल है, लेकिन इसे संस्थागत रूप देने की जरूरत है।

    नागरिकों का सुझाव है कि हर वार्ड में “पशु मित्र” समूह बनाए जाएं जो आवारा पशुओं की निगरानी करें और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करें। साथ ही, दूध देना बंद करने वाली गायों को छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    आवारा पशु ओडिशा बड़बिल बोलानी टाउनशिप सड़क दुर्घटना
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleचाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद, कई सामाजिक कार्यकर्ता हिरासत में
    Next Article सड़क पर पशुओं का जमावड़ा बना मुसीबत, अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गाय घायल

    Related Posts

    झारखंड के सतत विकास के लिए सभी चैम्बर एक मंच पर, नीति निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी पर जोर

    August 1, 2026

    चाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद गहराया, कई कार्यकर्ता हिरासत में

    August 1, 2026

    चाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद गहराया, कई सामाजिक कार्यकर्ता हिरासत में

    August 1, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    राष्ट्रीय बहन दिवस 2026: बहनें संस्कृति, संवेदना और सशक्त भारत की आधारशिला

    झारखंड के सतत विकास के लिए सभी चैम्बर एक मंच पर, नीति निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी पर जोर

    बहन का रिश्ता: राष्ट्रीय बहन दिवस 2026 पर ललित गर्ग का विशेष आलेख

    राष्ट्रीय बहन दिवस 2026: बहन संस्कृति, संवेदना और सशक्त भारत की आधारशिला – ललित गर्ग

    चाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद गहराया, कई कार्यकर्ता हिरासत में

    चाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद गहराया, कई सामाजिक कार्यकर्ता हिरासत में

    चाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा को लेकर विवाद, कई सामाजिक कार्यकर्ता हिरासत में

    कानून अराजकता के भय से नहीं चल सकता: लोकतंत्र में विधि के शासन का महत्व

    राष्ट्र निर्माण का समय: अजीत डोभाल और अमित शाह का युवाओं को संदेश

    राष्ट्र निर्माण का समय: युवाओं की जिम्मेदारी और नेतृत्व का संदेश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.