देहरादून में गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का खुलासा: नोएडा बना साजिश का अड्डा, दो गिरफ्तार, छह पर इनाम
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर/देहरादून: 13 फरवरी की सुबह देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल स्थित जिम के बाहर हुई कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या की गुत्थी को उत्तराखंड एसटीएफ और दून पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में सामने आया है कि यह वारदात अचानक नहीं, बल्कि कई महीनों की सुनियोजित साजिश का नतीजा थी।
पुलिस के अनुसार, शूटरों ने मौके का इंतजार कर 7.65 बोर की विदेशी पिस्टल से विक्रम पर तीन गोलियां दागीं। पहली गोली सिर में लगी, जबकि दो अन्य गोलियां शरीर को आर-पार कर गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों का इस्तेमाल कर फरार हो गए।
नोएडा में रची गई साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि साजिशकर्ताओं ने नोएडा के सेक्टर 78-79 में किराए का फ्लैट लेकर उसे ऑपरेशन का केंद्र बनाया था। गालगोटिया यूनिवर्सिटी के बीबीए छात्र मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर ने शूटरों को पनाह दी और उनके ठहरने-खाने की व्यवस्था की।
हत्या के बाद शूटर सहस्रधारा रोड पर बाइक छोड़कर हरिद्वार से किराए का दोपहिया वाहन लेकर आगे बढ़े और फिर लौटकर यशराज की स्कॉर्पियो से नोएडा फरार हो गए।
दो गिरफ्तार, छह फरार
पुलिस ने इस मामले में जमशेदपुर के राजकुमार और मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को गिरफ्तार किया है। जबकि फरार आरोपियों अंकित वर्मा, आयुषतोप सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार, यशराज और जितेंद्र कुमार साह—पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
हत्या के पीछे तीन बड़े कारण
एसटीएफ की पूछताछ में हत्या के तीन मुख्य कारण सामने आए हैं
मछली सप्लाई के ठेके को लेकर विवाद – यशराज की कंपनी ‘सारिका इंटरप्राइजेज’ के पास ठेका था, जिसमें विक्रम के दखल और रंगदारी मांगने का आरोप है।
अपराध जगत में वर्चस्व की होड़
मुख्य शूटर आयुषतोप सिंह बड़ा नाम कमाना चाहता था और उसे लगा कि इस वारदात से उसकी धाक जमेगी।
जेल की रंजिश
जेल में हुए विवाद के बाद बदले की भावना से साजिश रची गई।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने पहले झारखंड के जमशेदपुर और फिर नोएडा में हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन भीड़भाड़ के कारण सफल नहीं हो सके। इसके बाद देहरादून को टारगेट चुना गया। घटना से करीब तीन महीने पहले अंकित वर्मा ने उसी जिम को ज्वाइन कर लिया था, जहां विक्रम नियमित रूप से जाता था, और उसकी दिनचर्या पर नजर रखी जा रही थी।
फिलहाल एसटीएफ और दून पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

