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    Home » INTUC के राष्ट्रीय मंच से दहली UCIL की बदहाली: जादूगोड़ा लेबर यूनियन ने रखीं 5 बड़ी मांगें, स्वास्थ्य सेवा को बताया “चरमरा गई व्यवस्था”
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    INTUC के राष्ट्रीय मंच से दहली UCIL की बदहाली: जादूगोड़ा लेबर यूनियन ने रखीं 5 बड़ी मांगें, स्वास्थ्य सेवा को बताया “चरमरा गई व्यवस्था”

    Aman OjhaBy Aman OjhaJuly 4, 2026No Comments3 Mins Read
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    धीरज साहू की अध्यक्षता में महाधिवेशन, नेताओं ने कहा – कर्मचारियों के हक से समझौता नहीं होगा

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    झारखंड विधानसभा सभागार में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस यानी INTUC का महाधिवेशन सह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष *धीरज प्रसाद साहू* की अध्यक्षता में संपन्न हुई। देशभर से आए ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने मजदूरों की समस्याओं पर गंभीर मंथन किया।

     

    बैठक में सबसे ज्यादा गूंज यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी UCIL, जादूगोड़ा के कर्मचारियों की लंबित मांगों की रही। जादूगोड़ा लेबर यूनियन के महासचिव *सुरजीत सिंह* ने मंच से सरकार और UCIL प्रबंधन को आड़े हाथों लिया।

     

    “आदर्श थी स्वास्थ्य सेवा, आज दर-दर भटक रहे कर्मचारी”

    सुरजीत सिंह ने कहा कि एक समय था जब UCIL की चिकित्सा सुविधाएं पूरे देश में आदर्श मानी जाती थीं। आज वही अस्पताल बदहाली का शिकार है। कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

     

    उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को समय पर दवा नहीं मिल रही। आउटसोर्सिंग कंपनी के डॉक्टर एक कंपनी की दवा लिखते हैं, लेकिन मरीजों को दूसरी कंपनी की दवा दी जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। यह स्थिति कर्मचारियों के जीवन से खिलवाड़ है।

     

    राष्ट्रीय मंच से रखीं 5 सूत्री मांगें  

    सुरजीत सिंह ने INTUC के राष्ट्रीय मंच से UCIL प्रबंधन और केंद्र सरकार के सामने 5 प्रमुख मांगें रखीं:

     

    1. *पेंशन योजना लागू हो*: वर्ष 2018 से लंबित पेंशन योजना को अविलंब लागू किया जाए। यह कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है।

    2. *PRMB का पूरा क्रियान्वयन*: रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल बेनिफिट योजना में हो रही देरी तुरंत खत्म की जाए।

    3. *यूनिफॉर्म सुविधा बहाल हो*: वेतन पुनरीक्षण के बाद बंद की गई यूनिफॉर्म सुविधा को फिर से शुरू किया जाए।

    4. *कॉर्पोरेट बैंकिंग MOU पर दस्तखत*: कर्मचारियों के वेतन खातों के लिए प्रस्तावित कॉर्पोरेट बैंकिंग को लेकर प्रबंधन और बैंक के बीच MOU पर तुरंत हस्ताक्षर हों। देरी से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हो रही है।

    5. *यूनियनों से संवाद*: प्रबंधन एकतरफा फैसले लेना बंद करे। मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों की भूमिका को कमजोर न किया जाए।

     

    उन्होंने UCIL के सीएमडी और डीजीएम की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।

     

    “श्रम कानूनों की आड़ में अधिकारों से समझौता बर्दाश्त नहीं”

    सुरजीत सिंह ने कहा कि नए श्रम कानूनों का हवाला देकर मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूर वर्ग इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा।

     

    नेताओं ने दिया समर्थन

    अधिवेशन में स्वास्थ्य मंत्री *इरफान अंसारी*, विधायक *रामचन्द्र सिंह*, *राजेश कच्छप*, *सोना राम सिंकू*, प्रदेश अध्यक्ष *डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचु* और राष्ट्रीय सचिव *एन. जी. अरुण* मौजूद थे। BCCL, ECL, SAIL, UCIL सहित कई सार्वजनिक उपक्रमों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

     

    सभी नेताओं और विभिन्न राज्यों के ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने UCIL कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराया और प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की।

     

    जादूगोड़ा लेबर यूनियन का प्रतिनिधित्व महासचिव *सुरजीत सिंह* के साथ *कारू मार्डी*, *पंकज कुमार* और *नरेश कुमार* ने किया।

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