होली से पहले उत्पाद विभाग की छापेमारी, शराब परोसते पकड़े गए होटल में — हिरासत के बाद छोड़े जाने पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल होली महापर्व को लेकर विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध शराब बिक्री और परोसने की शिकायतों पर जिला उत्पाद विभाग ने सोमवार को जमशेदपुर-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-33 किनारे स्थित ढाबों और होटलों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व जिला उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज ने किया।
छापेमारी के दौरान फादलोगोड़ा, आसनबनी, रामगढ़ चिल्गु समेत कई स्थानों पर स्थित लाइन होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट की सघन तलाशी ली गई। इस क्रम में माउंट भूयु होटल, होटल अन्याना, गोल्डन लिफ, महेश होटल, त्रिवेणी होटल, शत्रुघ्न होटल सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
जांच के दौरान आसनबनी स्थित अन्याना होटल तथा चिल्गु के महेश होटल में शराब परोसे जाने की पुष्टि होने पर संचालकों को मौके से हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिए जाने की सूचना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है।

जब्ती का ब्योरा नहीं, कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छापेमारी के दौरान शराब परोसे जाते हुए पाया गया, तो जब्त शराब की मात्रा और कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। हिरासत में लिए गए संचालकों और कर्मचारियों को छोड़ने को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
जिला उत्पाद अधीक्षक से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
जिला प्रशासन के आदेश के बावजूद
गौरतलब है कि होली को देखते हुए जिला उत्पाद अधीक्षक द्वारा अवैध शराब बिक्री और परोसने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद हाईवे किनारे कई होटल और ढाबों में खुलेआम अंग्रेजी शराब परोसे जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
प्रशासनिक आदेश की धज्जियां
सूत्रों के अनुसार जमशेदपुर सीमा क्षेत्र से सटे होने और आपराधिक गतिविधियों की आशंका को देखते हुए चांडिल थाना पुलिस ने पहले ही होटल एवं ढाबा संचालकों को अवैध शराब नहीं बेचने और परोसने की सख्त हिदायत दी थी। बावजूद इसके कई संचालकों का मनोबल बढ़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों की माने तो जिला उत्पाद विभाग के नाम पर वसूली की चर्चा ओर संरक्षण खूब चल रही है.
राजस्व लाखों में नुकसान
बताया जाता है कि बिना बार लाइसेंस के शराब परोसने से सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं देर रात नकली अंग्रेजी शराब बेचे जाने की भी चर्चा है। चार माह पूर्व होटल के सामने हुई फायरिंग की घटना हुई थी.
ढाबों रेस्टोरेंट होटल संचालकों की मनमानी
चिल्गु से कंडारबेड़ा, रामगढ़, आसनबनी और फादलोगोड़ा तक स्थित लाइन होटल और ढाबों की बेलगाम गतिविधियों से होली पर कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका इनका नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीहू होटल की जांच नहीं होना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि आखिर किसके दबाव में इस होटल की जांच नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मामले की पारदर्शी तरीके से पड़ताल होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला उत्पाद अधीक्षक होटल संचालकों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगा पाएगा या कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

