अररिया में चुनाव आयोग की बड़ी लापरवाही उजागर – जिंदा चौकीदार को घोषित कर दिया ‘मुर्दा
पत्रकार अजीत अंजुम की पड़ताल में खुली पोल, एक ही बूथ पर सात लोग मृतक घोषित
राष्ट्र संवाद संवाददाता
अररिया बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अररिया जिले में चुनाव आयोग की बड़ी चूक सामने आई है। मशहूर पत्रकार अजीत अंजुम जब अररिया के एक विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की पड़ताल करने पहुंचे तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। यहां 214 नंबर बूथ पर सात जिंदा लोगों को चुनाव आयोग ने मृतक घोषित कर दिया है।

सबसे बड़ा मामला तब सामने आया जब स्थानीय चौकीदार, जिसे हर महीने ₹25,000 मानदेय मिलता है और जो पूरी तरह स्वस्थ है, उसे भी मतदाता सूची में ‘मृतक’ दर्ज कर दिया गया। चौकीदार खुद खड़े होकर कह रहे हैं– “हम तो जिंदा हैं, लेकिन कागज पर मार दिया गया।”

ग्रामीणों ने बताया कि इस गड़बड़ी के चलते कई लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब हो गया है। चुनाव आयोग की इस लापरवाही से मताधिकार छिनने का खतरा पैदा हो गया है।

पत्रकार अजीत अंजुम ने एक-एक घर जाकर हकीकत सामने रखी और कहा कि यह मामला सिर्फ अररिया तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के कई इलाकों में ऐसे उदाहरण मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की मतदाता सूची में ही इतनी गंभीर गड़बड़ी हो सकती है, तो आम मतदाता का विश्वास कैसे कायम रहेगा?

चुनाव आयोग का पक्ष
इस मामले पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि “यह संभव है कि मतदाता सूची अपडेट करते समय तकनीकी त्रुटि या डेटा एंट्री की गलती हुई हो। सभी शिकायतों की जांच कराई जा रही है और जिन लोगों को गलत तरीके से मृतक दिखाया गया है, उनके नाम सूची में पुनः जोड़े जाएंगे।


