Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » तेजी से घूम रही पृथ्वी! 24 घंटे से भी कम समय में लगा रही चक्कर, जानें नुकसान
    Breaking News Headlines

    तेजी से घूम रही पृथ्वी! 24 घंटे से भी कम समय में लगा रही चक्कर, जानें नुकसान

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 2, 2022No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. क्या पृथ्वी अब 24 घंटे से भी कम समय में एक चक्कर पूरा कर ले रही है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका अस्तित्व पिछले कुछ महीनों में हुआ है. दरअसल, वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी तेज गति से घूम रही है. पृथ्वी के घूमने की स्पीड इतनी तेज है कि 24 घंटे में पूरा होने वाला चक्कर, उससे पहले ही पूरा हो जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई 2022 को पृथ्वी को अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने में 24 घंटे से कम का समय लगा था. इस दिन धरती ने अपना चक्कर महज़ 1.59 मिलीसेकंड में पूरा कर लिया. जो एवरेज स्पीड से ज्यादा है.

     

    रिपोर्ट के मुताबिक, पृथ्वी ने हाल के दिनों में अपनी स्पीड काफी तेजी से बढ़ाई है. साल 2020 में पृथ्वी की तेज गति के चलते जुलाई का महीना सबसे छोटा देखा गया. इससे पहले, ऐसी स्थिति साल 1960 के दशक में देखी गई थी. 19 जुलाई को अब तक का सबसे छोटा दिन मापा गया था. क्योंकि इस दिन पृथ्वी ने अपना चक्कर 1.47 मिलीसेकंड में ही पूरा कर लिया था. जबकि इस साल 26 जुलाई को धरती 1.50 मिलीसेकंड में पूरी घूम गई. रिपोर्ट के मुताबिक, पृथ्वी की गति में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है. हालांकि ज्यादा लंबी अवधि में देखा जाए तो पृथ्वी का चक्कर स्लो हो रहा है. धरती एक चक्कर पूरा करने में जितना मिलीसेकंड का समय लेती थी, अब हर सदी में उससे ज्यादा वक्त ले रही है.

     

    हालांकि इसके अलग-अलग कारण है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव कोर की इनर और आउटर लेयर, महासागरों, टाइड या फिर जलवायु में लगातार हो रहे परिवर्तन के कारण हो रहे हैं. कुछ वैज्ञानिकों ने यह भी सुझाव दिया है कि घटती हुई दिन की अवधि चांडलर वॉबल से जुड़ी हो सकती है, जो पृथ्वी के घूमने की धुरी में एक छोटा सा डेविएशन है. अगर पृथ्वी इसी बढ़ती हुई गति से घूमती रही, तो ये नेगेटिव लीप सेंकेड की शुरुआत कर सकती है. इसका मतलब है कि पृथ्वी को उस दर को बनाए रखना होगा, जिसके मुताबिक पृथ्वी अटोमिक घड़ियों के समान सूर्य की परिक्रमा करती है.

     

    हालांकि, नेगेटिव सेकंड लीप संभावित रूप से आईटी सिस्टम के लिए कई तरह की समस्याएं पैदा करेगा. मेटा ने हाल ही में एक ब्लॉग पब्लिश किया है, जिसमें कहा गया है कि सेकंड लीप वैज्ञानिकों और खगोलविदों को फायदा पहुंचाएगी. लेकिन यह एक खतरनाक अभ्यास है, जो काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमुंगेर में पागल कुत्ते ने 40 से ज्यादा कांवड़ियों को काटा, कई गंभीर रूप से घायल
    Next Article योगी सरकार का बड़ा फैसला: तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई 841 सरकारी वकीलों की सेवाएं

    Related Posts

    AI तकनीक से श्रावणी मेला प्रबंधन हुआ हाईटेक, रियल टाइम मॉनिटरिंग से श्रद्धालुओं को राहत

    August 8, 2026

    स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का उपायुक्त ने लिया जायजा

    August 8, 2026

    12वां राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

    August 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    AI तकनीक से श्रावणी मेला प्रबंधन हुआ हाईटेक, रियल टाइम मॉनिटरिंग से श्रद्धालुओं को राहत

    स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का उपायुक्त ने लिया जायजा

    12वां राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

    देहरादून में ‘सौहार्द’ और ‘सचित्र संविधान दर्शन’ प्रदर्शनी का आयोजन

    ब्रह्माकुमारी संस्था के कार्यक्रम में युवाओं से नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान

    आफताब आलम हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, दो शूटर समेत चार गिरफ्तार

    लगातार पांचवीं बार नवल टाटा हॉकी झारखंड सब-जूनियर एवं जूनियर स्टेट चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा एनटीएचए

    रेंगकर जलमीनार से लाती है पानी, बैटरी व्हीलचेयर के सहारे सपनों को उड़ान देना चाहती है मालती सिंह

    युवा शक्ति ही झारखंड के भविष्य की दिशा तय करेगी : सुदेश कुमार महतो

    नशे के अड्डों पर पुलिस का शिकंजा, सीनी में कई जगह छापेमारी

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.