झारखंड स्थापना दिवस पर सिदगोड़ा टाउन हॉल में जिला स्तरीय समारोह
आंदोलनकारियों का सम्मान और योजनाओं की परिसंपत्ति वितरण
राष्ट्र संवाद संवाददाता,
जमशेदपुर : झारखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस पर सिदगोड़ा टाउन हॉल में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए की गई। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटक मंचन, झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्ति वितरण किया गया।

कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया, जबकि संथाली सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे समारोह में उत्साह का संचार किया। झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित कर उनके योगदान और संघर्ष को याद किया गया।
समारोह में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, उप विकास आयुक्त और अन्य प्रशासनिक-पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
योजनाओं का लाभ और परिसंपत्ति वितरण
JSLPS द्वारा CLF एवं SHG समूहों को प्रशस्ति पत्र
सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग एवं वृद्धा पेंशन स्वीकृति पत्र
CSR मद से 10 लाभुकों को ई-ट्राइसाइकिल
समाज कल्याण विभाग द्वारा विधवा विवाह प्रोत्साहन, किशोरी समृद्धि एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सहायता
लाभुकों को कान मशीन का वितरण
PM JANMAN व अंबेडकर आवास योजना के स्वीकृति पत्र
कल्याण विभाग द्वारा 15 महिलाओं को सिलाई मशीन, 5 को वनपट्टा
मनरेगा विभाग द्वारा बागवानी कार्य से जुड़े लाभुकों को सम्मान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहिया, ANM, CHO, डॉक्टरों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान; TB उन्मूलन व प्रोजेक्ट उल्लास में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
आपूर्ति विभाग द्वारा धोती-साड़ी-लुंगी योजना का लाभ
कृषि विभाग द्वारा शहद पालक योजना के लाभुकों को सहायता
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दी शुभकामनाएँ
विधायक सरयू राय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सामाजिक चेतना और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी विचारधारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने की प्रेरणा देती है।
विधायक मंगल कालिंदी ने जनजातीय महापुरुषों के बलिदान को याद किया और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना की।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रशासन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को प्रतिबद्ध है। वितरित परिसंपत्तियाँ लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
जिला स्तरीय यह समारोह झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर, आंदोलनकारियों के संघर्ष और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का समग्र प्रतीक बना।

