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    Home » बागबेड़ा जलापूर्ति योजना शुरू करने की मांग को लेकर धरना, 15 दिन में काम नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज : किशोर यादव
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    बागबेड़ा जलापूर्ति योजना शुरू करने की मांग को लेकर धरना, 15 दिन में काम नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज : किशोर यादव

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJune 14, 2026No Comments2 Mins Read
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    बागबेड़ा जलापूर्ति योजना शुरू करने की मांग को लेकर धरना, 15 दिन में काम नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज : किशोर यादव

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर: बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शीघ्र चालू करने की मांग को लेकर रविवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के संचालक एवं पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव ने किया। धरना में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

    धरना को संबोधित करते हुए किशोर यादव ने कहा कि करीब 11 वर्षों से लंबित बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है। प्रशासन द्वारा 14 जून से जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी योजना शुरू नहीं हुई। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी निराशा है।

    उन्होंने कहा कि बागबेड़ा, हरहरगुट्टू और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गर्मी के दिनों में लोगों को चापाकल, टैंकर और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। योजना शुरू होने से क्षेत्रवासियों को नियमित शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा और जलजनित बीमारियों पर भी रोक लगेगी।

    धरना के दौरान वक्ताओं ने संबंधित विभाग से योजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने और जलापूर्ति शुरू होने की स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है।

    धरना के अंत में किशोर यादव ने चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर जलापूर्ति योजना चालू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।

    ग्रामीण विकास संघर्ष समिति ने सरकार और जिला प्रशासन से योजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर क्षेत्रवासियों को जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।

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    भाजपा के बीएलए-2 बैठक आयोजन पर उठे सवाल, कार्यप्रणाली को लेकर जताई गई नाराजगी राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी के कदमा मंडल में आयोजित बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) बैठक को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि कदमा मंडल की बैठक अधिकांश बीएलए-2 कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति में आयोजित की जा रही है, जबकि प्रदेश संगठन के निर्देशानुसार यह बैठक मंडल स्तर पर अलग-अलग होनी चाहिए थी। जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा के कदमा, सोनारी, बिष्टुपुर और साकची पश्चिम मंडलों की संयुक्त बैठक सोनारी स्थित चित्रगुप्त भवन में आयोजित की गई। आलोचकों का कहना है कि इन चारों मंडलों में कुल 180 बूथ हैं, जबकि बैठक स्थल की क्षमता लगभग 80 से 100 लोगों की ही है। ऐसे में सभी बीएलए-2 कार्यकर्ताओं की भागीदारी संभव नहीं है। विरोध जताने वाले कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि कदमा मंडल के लगभग 40 बीएलए-2 पहले ही सामूहिक इस्तीफा दे चुके हैं और उन्होंने नव नियुक्त मंडल अध्यक्ष के साथ काम करने में असमर्थता जताते हुए अपना इस्तीफा जिला अध्यक्ष समेत संबंधित पदाधिकारियों को सौंप दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए-2 की बैठकें मंडल स्तर पर आयोजित की गईं, जबकि पश्चिम विधानसभा में कई मंडलों को मिलाकर संयुक्त बैठक की जा रही है। इससे यह धारणा बन रही है कि संगठनात्मक कोरम पूरा करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जिला अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उनका मानना है कि बड़ी संख्या में बीएलए-2 के इस्तीफे के बाद इस तरह बैठक आयोजित किया जाना संगठनात्मक प्रबंधन की कमजोरी को दर्शाता है। हालांकि, इस संबंध में जिला भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। यदि पार्टी पदाधिकारियों का पक्ष सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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