पत्रकार मणि शंकर पर झूठे आरोप के तहत फसाने के मामले में डीजीपी ने दिया जांच का आदेश
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा के युवा पत्रकार मणि शंकर भकत को दक्षिणी इंचड़ा की मुखिया मंजरी बांद्रा द्वारा झूठे आरोप में फसाने के मामले में राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता से झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (जेजेए) के संस्थापक सहनवाज हसन के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम ने मुलाकात की। इस मौके पर पत्रकार मणि शंकर भकत ने अपनी बातो को डीजीपी के समक्ष रखा और कहा कि वे कई बार इस पंचायत से संबंधित लोगो की समस्याओं से लेकर कई मुद्दों पर खबर में प्रकाशित किये है। जिसको लेकर मुखिया के द्वारा उन्हें कई बार व्हाट्सएप ग्रुप अथवा अन्य जगहों पर झूठी शिकायत में फसाने की धमकी दे चुके है। वही दो माह पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग लिखे हुए पत्र में भी उन्हें झूठे एससी/एसटी मामले में फसाने का प्रयास किया जा रहा है। हालाकि मुखिया के द्वारा लिखे हुए पत्र में घटना से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई तिथि या समय का ज़िक्र नहीं किया गया है जिससे की यह साफ़ तौर पर पता चलता है कि एक सोची समझी साज़िश के तहत फ़साने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि अस्पताल चौक में कई सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। वही पत्रकार मणि शंकर की इन बातो को देखते हुए डीजीपी अनुराग गुप्ता ने डीआईजी कोल्हान को निर्देश दिए की इस तरह के मामलों पर निष्पक्ष जांच की जाए साथ ही कहा कि झारखंड में किसी भी निर्दोष पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी। पत्रकार झारखण्ड का चौथा स्तंभ है। झारखण्ड में किसी भी बेकसूर पत्रकार पर किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं होगी। यदि एससी/एसटी से जुड़ी मामलो पर पुलिस लापरवाही से जाँच करती है तो वे भी नपंगे।

