Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत पहुंचा मंकीपॉक्स, एक संदिग्ध को किया गया आइसोलेट, स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट
    Breaking News Headlines

    भारत पहुंचा मंकीपॉक्स, एक संदिग्ध को किया गया आइसोलेट, स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 9, 2024No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    नई दिल्ली. दुनिया के कई देश इन दिनों मंकीपॉक्स का संक्रमण झेल रहे हैं. अफ्रीकी देशों से शुरू हुआ ये वायरल संक्रमण यूएस-यूके सहित कई एशियाई देशों में भी बढ़ता जा रहा है. इस बीच, भारत में भी मंकीपॉक्स का एक संदिग्ध रोगी मिला है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी दी है. हालांकि संदिग्ध रोगी के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दी है. मंत्रालय ने बताया कि संदिग्ध ने हाल ही में मंकीपॉक्स का संक्रमण झेल रहे एक देश की यात्रा की थी. फिलहाल उसे मंकीपॉक्स के लिए तय किए गए एक अस्पताल में आइसोलेट किया गया है.
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल संदिग्ध रोगी की हालत स्थिर है. एमपॉक्स की मौजूदगी की पुष्टि के लिए मरीज के नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसके लक्षण एनसीडीसी द्वारा पहले से बताए गए लक्षणों के अनुरूप ही हैं. मंत्रालय ने यह भी कहा कि इसे लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है. और सभी प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जा रहा है. देश ऐसे अलग यात्रा-संबंधी मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

     

    गौरतलब है कि इस वायरल जूनोटिक रोग से मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. कांगो में अब तक 18 हजार से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जबकि कम से कम 610 लोगों की इससे जान जा चुकी है.

     

    मंकीपॉक्स संक्रमण को चूंकि कई मामलों में गंभीर और जानलेवा माना जाता है इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित’ कर दिया था. मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत में भी बीते दिनों अलर्ट जारी किया गया है, फिलहाल यहां अब तक संक्रमण के मामले सामने नहीं आए थे.

    नए स्ट्रेन के कारण बढ़ रहा है संक्रमण

    हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एमपॉक्स के बढ़ते मामलों के लिए इसके नए स्ट्रेन क्लेड आईबी को जिम्मेदार माना है. विशेषज्ञों ने कहा इस बात की गंभीर चिंता है कि वायरस म्यूटेट हो रहा है और नए स्ट्रेन पैदा कर रहा है. यह उन देशों में भी रिपोर्ट किया जा रहा है जहां अब तक एमपॉक्स का खतरा नहीं था. जिसके बाद भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी लोगों को संक्रमण को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी थी. मंत्रालय ने एमपॉक्स कैसे फैलता है और संक्रमण की स्थिति में क्या करें, इस बारे में विस्तार से जानकारी साझा की थी.

    कैसे फैलता है ये संक्रमण?

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में बताया था, एमपॉक्स एक वायरल संक्रमण है जो संक्रमित वस्तुएं, निकट संपर्क, और शरीर के तरल पदार्थों से फैल सकता है. संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं जैसे कपड़े, चादर, तौलिए आदि के इस्तेमाल से बचें. संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ या घाव के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. सामुदायिक तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

    कितने दिनों तक रहता है असर?

    मंत्रालय ने कहा था, कुछ स्थितियों में संक्रमण का असर दो-चार सप्ताह तक रह सकता है. हालांकि अगर मरीजों का समय पर निदान होकर सहायक उपचार मिल जाए तो उनके ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है.इसके अलावा यदि किसी में लक्षण दिखाई दें या संक्रमित रोगियों के संपर्क में आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

    मंकीपॉक्स का क्या उपचार है?

    मंकीपॉक्स के उपचार के लिए अब तक कोई विशिष्ट दवा तो नहीं है हालांकि इसके कुछ टीकों पर अध्ययन जरूर चल रहा है. एंटीवायरल दवा टेकोविरिमैट जो मूल रूप से चेचक के लिए है, इसका एमपॉक्स के उपचार के लिए अध्ययन किया जा रहा है. यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में गंभीर एमपॉक्स मामलों के लिए जेएनएनईओएस (जिसे इम्वाम्यून या इम्वेनेक्स के रूप में भी जाना जाता है) नामक चेचक के टीके को भी मंजूरी दी है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकनाडा सरकार भारतीयों के विरोध के बाद झुकी, डिपोर्टेशन पर लगाई रोक, यह है पूरा मामला
    Next Article OMG: लंग्स के अंदर कॉकरोच ने बसा रखी थी पूरी फैमिली, ऐसे हुई पहचान, डॉक्टर हुए अचंभित

    Related Posts

    नीतीश कुमार को निपटा दिया भाजपा ने : सुधीर कुमार पप्पू

    March 6, 2026

    सोनारी के पंचवटी नगर में बदमाशों का उत्पात, तलवार-लाठी से लैस होकर की तोड़फोड़ और पथराव

    March 6, 2026

    जमशेदपुर में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 17 थाना प्रभारियों का तबादला

    March 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट के खंडहर भवन में पुलिस की छापेमारी, 27 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार

    नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान तेज करने चाईबासा पहुंचे सीआरपीएफ डीजी, सुरक्षा रणनीति पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा

    जन शिकायत निवारण दिवस पर उप विकास आयुक्त ने सुनीं लोगों की समस्याएं, कई मामलों का मौके पर हुआ समाधान

    होली के जश्न में चली गोली, बरमसिया फुटबॉल ग्राउंड फायरिंग मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

    शिव काली मंदिर में नव निर्वाचित मेयर संजय सरदार का नागरिक अभिनंदन, वार्ड 17 की समस्याओं पर हुई चर्चा

    आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में बिना शिलान्यास बने सड़क-नाली पर सवाल, शपथ से पहले भुगतान लेने की चर्चा तेज

    नीतीश कुमार को निपटा दिया भाजपा ने : सुधीर कुमार पप्पू

    सोनारी के पंचवटी नगर में बदमाशों का उत्पात, तलवार-लाठी से लैस होकर की तोड़फोड़ और पथराव

    जमशेदपुर में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 17 थाना प्रभारियों का तबादला

    25 मार्च को अदालत में टकराएंगे कॉरपोरेट बनाम जनप्रतिनिधि

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.