Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आंदोलन की बरसी पर दिल्ली में जुटेंगे एक लाख किसान, 10 एकड़ जमीन हो रही तैयार
    Breaking News Headlines

    आंदोलन की बरसी पर दिल्ली में जुटेंगे एक लाख किसान, 10 एकड़ जमीन हो रही तैयार

    News DeskBy News DeskNovember 24, 2021No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बावजूद, किसान संगठन अपने ‘चलो दिल्ली’ के कार्यक्रम पर अड़े हुए हैं. किसानों को 26 नवंबर को आंदोलन के एक साल पूरा होने के मौके पर एकत्रित होने को कहा जा रहा है ताकि 29 नवंबर को संसद की ओर ट्रैक्टर ट्रॉली मार्च में बड़ी संख्या में किसान शामिल हो सकें. इसके लिए लगातार किसानों को दिल्ली की सीमाओं तक पहुंचने की अपील की जा रही है. किसानों का कहना है कि जब तक संसद में इन कानूनों के औपचारिक रूप से वापस नहीं लिया जाएगा, वो आंदोलन खत्म कर वापस नहीं जाएंगे. आंदोलन को एक साल पूरा होने के मौके पर 26 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों की आमद जारी रहेगी.

    किसान संगठनों की इस अपील के बाद बड़ी संख्या में किसान राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं और अन्य जाने की योजना बना रहे हैं. पंजाब में विभिन्न कृषि संगठनों द्वारा दिल्ली की सीमाओं की ओर किसानों को जुटाने के लिए बैठकें आयोजित की जा रही हैं. सिंघू, टिकरी बॉर्डर और बहादुरगढ़ में बड़ी संख्या में किसानों के आने की उम्मीद है, इसकी तैयारी चल रही है.

    तैयार हो रहा 10 एकड़ से भी बड़ा मैदान

    भारतीय किसान यूनियन ने अपने पंडाल में बड़ी संख्या में किसानों को समायोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है. संगठन के सचिव शिंगारा सिंह ने कहा, ’10 एकड़ से अधिक की एक नई, खुली जगह को चिह्नित किया गया है और वहां पर एक पंडाल स्थापित किया जा रहा है. पुराने स्थान पर लगाए गए शेड का उपयोग किसानों के रात में सोने के लिए किया जाएगा. हम उम्मीद करते हैं कि 26 नवंबर को एक लाख से अधिक लोग यहां पहुंचेंगे.’

    आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान संसद तक प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 29 नवंबर को संसद तक किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. किसान संगठनों के संघ संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के एक साल पूरा होने के मौके पर 29 नवंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान संसद तक 500 किसान शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च में भाग लेंगे. टिकैत ने कहा है कि किसान उन रास्तों से ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे जो रास्ते सरकार ने खोल दिए हैं. उन्होंने कहा कि उनका इरादा रास्तों को बंद करना नहीं बल्कि सरकार से बात करने का है.

    आज कैबिनेट की बैठक, मिल सकती है मंजूरी

    केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज होने वाली बैठक में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने वाले प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान करते हुए कहा था कि वो किसानों को ये समझाने में विफल रहे कि ये कानून उनके लिए कितने उपयोगी हैं. उन्होंने कहा था कि ये कानून किसानों के हित में लाए गए थे जिसे अब राष्ट्र हित में वापस लेना पड़ रहा है.

    गौरतलब है कि किसान लंबे समय से तीन कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में पीएम मोदी द्वारा कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान से उन्हें एक राह दिखी है. साथ ही वो इस बात से भी आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि यही मौका है जब वो अपने बाकी की मांगों को भी सरकार से मनवा सकते हैं. यही कारण है कि कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद भी वो राजधानी की सीमाओं पर डटे हुए हैं.

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleएक अरब में खरीदी वर्चुअल जमीन! अब तक की सबसे महंगी सेल डील
    Next Article AAP की सरकार में हर महिला को मिलेगा 1000 मासिक : अरविंद केजरीवाल

    Related Posts

    धनबाद के निरसा में चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला, सतर्कता से टला बड़ा

    June 18, 2026

    भोजपुर एनकाउंटर के बाद बवाल, NH-922 जाम; शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित

    June 18, 2026

    मानसून आपदा से निपटने की तैयारी, डिमना लेक में एनडीआरएफ का 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

    June 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    धनबाद के निरसा में चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला, सतर्कता से टला बड़ा

    भोजपुर एनकाउंटर के बाद बवाल, NH-922 जाम; शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित

    मानसून आपदा से निपटने की तैयारी, डिमना लेक में एनडीआरएफ का 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

    राज्यसभा चुनाव: एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने भरा जीत का दम, बस से विधानसभा पहुंचे कांग्रेस के 16 विधायक

    हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमियों को दी गई अहम जानकारी

    रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला: लोकतंत्र के लिए ख़तरा

    जिला योजना समिति की बैठक में 139 विकास योजनाओं पर मंथन, 38 योजनाओं को मिली स्वीकृति

    रांची में आरएसएस कार्यालय हमले की जांच तेज: एसआईटी, एनआईए जुटी

    अमेरिका ने बदला ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ का नाम: भारत के लिए रणनीतिक संदेश?

    मोदी-ट्रंप वार्ता: भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ज़ोर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.