नारायण प्राइवेट आईटीआई में महर्षि दयानंद सरस्वती की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे एवं शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती भारत के महान संत, समाज सुधारक, चिंतक एवं आर्य समाज के संस्थापक थे। उनका जन्म 12 फरवरी 1824 को गुजरात के टंकारा में हुआ था। उनका बचपन का नाम मूलशंकर था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज में व्याप्त अंधविश्वास, कुरीतियों और सामाजिक बुराइयों को दूर करने तथा वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया।
डॉ. पांडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने 10 अप्रैल 1875 को मुंबई में आर्य समाज की स्थापना की थी। उन्होंने समाज को वेदों की ओर लौटने का संदेश देते हुए ‘वेदों की ओर लौटो’ का आह्वान किया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘सत्यार्थ प्रकाश’ ने भारतीय समाज में धार्मिक एवं सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने आगे कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह, छुआछूत, जातिगत भेदभाव, अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया। उन्होंने महिला शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, समानता और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का समर्थन किया। शिक्षा के प्रसार और समाज सुधार के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके विचारों से प्रेरित होकर आगे चलकर देश में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक संस्थाओं की स्थापना हुई।
डॉ. पांडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती केवल धार्मिक संत ही नहीं, बल्कि राष्ट्र जागरण के महान प्रेरणास्रोत भी थे। उनका मानना था कि शिक्षित, संस्कारित और जागरूक समाज ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। आज के युवाओं को उनके जीवन, विचारों, सत्यनिष्ठा और समाज सेवा के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा शिक्षा, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद रहे प्राचार्य जयदीप पांडे शांति राम महतो, भगत लाल तेली, देवाशीष मंडल, शशि भूषण महतो, पवन महतो, कृष्णा पद महतो, गौरव महतो, निकिता गोराई, लक्ष्मी महतो, बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।

