आपातकाल की क्रूरता: आनंद मार्ग मुख्यालय जला, ठाकुर जी सिंह जेल गए, परिवार बिखरा
जमशेदपुर सोनारी के रहने वाले स्वर्गीय ठाकुर जी सिंह आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए स्वर्गीय ठाकुर जी सिंह की पत्नी श्रीमती उर्मिला देवी बताती है कि जब देश में आपातकाल लगा था तब पति तो जेल चले गए परंतु मेरा बड़ा बेटा सत्येंद्र सिंह उर्फ जयदेव आनंद मार्ग के मुख्यालय आनंद नगर में पढ़ाई करता था पता चला आनंद नगर को सरकार के सहयोग से कम्युनिस्ट के गुंडों ने पूरा जला दिया है हॉस्टल में पढ़ने वाले बच्चों को भगा दिया गया

सभी बच्चे किसी तरह अपने-अपने घर शायद पहुंच पाए होंगे मेरा बच्चा भी अचानक घर पहुंचा तब उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों एवं आनंद नगर में रहने वाले सन्यासियों जेल भेज दिया गया है और बच्चों को अपने-अपने घर जाने के लिए बोल दिया गया छोटे-छोटे बच्चे कहां जाते किसी किसी के सहारे किसी तरह घर पहुंचे ।

पति जेल चले गए और एक बच्चा दूसरे जगह वहां क्या हो रहा कुछ पता नहीं छोटे-छोटे बच्चे घर पर क्या बितता होगा आप सोच भी नहीं सकते की यह आपातकाल देश में किस तरह क्रूरता पूर्ण रवैया अपनाया था।

आनंद मार्ग अनुयायियों को मीसा एवं DIR लगाकर गिरफ्तार किया गया । DIR का मतलब Defence of India Rules (भारत रक्षा नियम) था। यह नियम 1975 के आपातकाल के दौरान लागू किया गया था, और इसका उद्देश्य सरकार को “सुरक्षा” और “सार्वजनिक व्यवस्था” बनाए रखने के लिए व्यापक अधिकार देना था। इसके तहत, सरकार को किसी को भी बिना मुकदमा चलाए गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने, प्रेस पर सेंसरशिप लगाने, और नागरिकों के अधिकारों को प्रतिबंधित करने का अधिकार मिल गया था।


