CRPF ने शहीद रूपेश की 22वीं शहादत दिवस पर दी श्रद्धांजलि
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नीलाम्बर-पीताम्बरपुर- शहीद रूपेश जैसे जवानों की शहादत की बदौलत ही आज देश में शांति है और देशवासी अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं, जबकि जवान सरहद पर मुस्तैदी से डटे रहते हैं।
उक्त बातें सीआरपीएफ के सेकेंड-इन-कमांडेंट शैलेंद्र वशिष्ठ ने कही। वे हाई स्कूल लेस्लीगंज में आयोजित शहीद रूपेश सिंह के 22वें शहादत दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
गौरतलब है कि सीआरपीएफ हर वर्ष अपने शहीद जवानों की याद में शहादत दिवस मनाती है। शहीद रूपेश सिंह सीआरपीएफ की 81वीं बटालियन के जवान थे और जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में तैनात थे।
बताया गया कि बटालियन को क्षेत्र में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, जिस पर सर्च अभियान के लिए घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान रूपेश सिंह सहित तीन अन्य जवानों की ड्यूटी चिनाब नदी के पुल पर लगाई गई थी। उसी दौरान आतंकियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में रूपेश सिंह, शांतनु सरकार और पवन कुमार वीरगति को प्राप्त हुए थे।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर सलामी देने के साथ हुई। कमांडेंट शैलेंद्र वशिष्ठ सहित सीआरपीएफ के जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीद के बड़े भाई राहुल सिंह को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
शहीद रूपेश का जन्म लेस्लीगंज के पुरनाडीह गांव के संपन्न किसान स्व ध्रुव सिंह के यहां हुआ था और उनकी शिक्षा दीक्षा इसी हाई स्कूल लेस्लीगंज में हुआ था।इसलिए उनके शहीद होने पर स्कूल परिसर में शाहीदवेदी बनाकर आदमकद प्रतिमा लगाया गया है।
इस अवसर पर लेस्लीगंज थानाप्रभारी उत्तम कुमार राय,शहीद के परिजन राहुल सिंह, विराटवर्धन, सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर यशवीर सिंह, कृष्णा राही, बृजेश गुप्ता, निखिल कुमार, अजित सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

