मध्य विद्यालय बेगमपुर की प्रभारी प्रधानाध्यापिका के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका के निधन पर शोक सभा
राजकीयकृत मध्य विद्यालय बेगमपुर की प्रभारी प्रधानाध्यापिका 59 वर्षीय पंचमुखी कुमारी के निधन से शिक्षा जगत समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है।
वह पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थी और दरभंगा के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
इलाज के दौरान मंगलवार, 9 सितंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।
दिवंगत पंचमुखी कुमारी दौलतपुर पंचायत के मोहनपुर गांव स्थित वार्ड एक निवासी इंद्रभूषण प्रसाद की पत्नी थी।
उनके निधन के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
वह अपने पीछे इकलौते अविवाहित पुत्र आलोक कुमार तथा पांच विवाहित पुत्रियों- कुमारी रीता वर्मा, अनीशा कुमारी, अर्चना कुमारी, राखी कुमारी एवं सरिता कुमारी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी है।
मां के निधन से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के अनुसार पंचमुखी कुमारी का इलाज विगत 13 अगस्त से दरभंगा स्थित आरबी मेमोरियल अस्पताल में चल रहा था।

लंबे समय से उपचाराधीन रहने के बाद 9 सितंबर को उनका निधन हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार पंचमुखी कुमारी ने 11 मार्च 2019 को राजकीयकृत मध्य विद्यालय बेगमपुर में प्रभारी प्रधानाध्यापिका का दायित्व संभाला था।
इसके बाद से वह लगातार विद्यालय में कार्यरत रहते हुए शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी।
उनके निधन पर मध्य विद्यालय बेगमपुर परिसर में शोक सभा आयोजित की गयी।
इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका के निधन पर खोदावंदपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष भारत भूषण, प्रभारी एचएम मणिभूषण कुमार, प्रधान शिक्षक विमलेश कुमार, शिक्षक चंद्रभूषण प्रसाद, धर्मेंद्र चौरसिया, राजेश रजक, देवेश कुमार, समाजसेवी रामदेव महतो, तिलकेश्वर महतो, राम उदगार चौरसिया, सहदेव महतो, दिलीप कुमार, डॉ. विकास कुमार, जवाहरलाल साहू, लालबाबू राय सहित अनेक शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
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पंचमुखी कुमारी के योगदान को याद करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि उनके नेतृत्व में विद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय प्रगति की थी। उनके निधन से न केवल विद्यालय परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।

