राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल थाना क्षेत्र के चांडिल-कांड्रा मार्ग पर संवेदक एवं जिला पथ निर्माण विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर भारी पड़ गई। मंगलवार को चैनपुर स्थित सुवर्णरेखा मुख्य नहर के जर्जर पुल से कोयला लदी एक हाइवा अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। घटना सुबह 7 बजे लगभग की है, हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए चालक को हाइवा से सुरक्षित बाहर निकाला और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल और सड़क की बदहाल स्थिति के कारण हाइवा का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ। मौके पर काफी संख्या ग्रामीण राहगीर की भीड़ जुट गई.
ग्रामीणों का कहना है कि चांडिल-कांड्रा मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार आंदोलन और प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा। यह मार्ग चांडिल अनुमंडल की लाइफलाइन माना जाता है, जो अनुमंडल, प्रखंड और जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। उपयुक्त,अनुमंडल पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि इस मार्ग को छोड़ दिया अब चौका कांड्रा मार्ग अपना लिया ।
सबसे अधिक परेशानी इस मार्ग से गुजरने वाले प्राथमिक, उच्च विद्यालय तथा सरकारी एवं निजी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ रही है। पहले धूल और उड़ती मिट्टी से लोग परेशान थे, अब बारिश में कीचड़ और गड्ढों ने हालात और भयावह बना दिए हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पथ निर्माण विभाग की उदासीनता और संवेदक की लापरवाही के कारण आए दिन इस मार्ग पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बाइक सवार और राहगीर अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। सड़क पर बड़े ट्रेलर, यात्री वाहन, ओवरलोड हाइवा के खौफ से बाइक, साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों को हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण का टेंडर हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है। विधायक और पंचायत जनप्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से शिलान्यास भी किया गया था, जिससे लोगों में सड़क बनने की उम्मीद जगी थी। लेकिन पथ निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण संवेदक द्वारा चार माह बीत जाने के बावजूद सड़क की सबसे खराब हिस्सों को छोड़कर केवल ठीक-ठाक स्थानों पर मरम्मत कार्य किया गया। जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है.

