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    Home » चांडिल डैम का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांवों की रबी धान फसल बर्बाद
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    चांडिल डैम का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांवों की रबी धान फसल बर्बाद

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 29, 2026No Comments2 Mins Read
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    डैम के पानी से किसानों की टूटी कमर, प्रति एकड़ 22 हजार तक नुकसान

     

     

    राष्ट्रसंवाद संवाददाता 

    चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। बहुउद्देशीय परियोजना से बने चांडिल डैम का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के दर्जनों गांवों की रबी धान की फसल जलमग्न हो गई है। कटाई के लिए तैयार फसल खेतों में डूब जाने से किसानों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है।

    रसुनिया पंचायत के रुआनी टोला, पिलायडीह, हाथीनादा, रसुनिया, हेवन पंचायत, काशीपुर, कल्याणपुर, धातकीडीह, अंडा, हुटू, ओड़िया तथा गुंडा पंचायत के लावा, सीमा और गुंडा गांव के किसान सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है।

    स्थानीय किसान जगन्नाथ मार्डी ने बताया कि सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों ने हाथियों के आतंक से किसी तरह फसल को बचाया था, लेकिन अब डैम का बढ़ता पानी उनकी उम्मीदें बहाकर ले गया।

    किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ रबी धान की खेती में बीज, खाद, कीटनाशक, जुताई, रोपनी और कटाई सहित 20 से 22 हजार रुपये तक खर्च होता है। इस बार फसल तैयार होने के बावजूद कटाई से पहले ही खेतों में पानी घुस गया।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डैम प्रबंधन द्वारा बिना पूर्व सूचना के जलस्तर बढ़ा दिया गया। यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो किसान अपनी फसल बचा सकते थे। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि चांडिल डैम का रेडियल गेट नहीं खोला गया और जलस्तर नियंत्रित नहीं किया गया तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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