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    चक्रवाती बारिश ने बदला रबी की खेती का गणित, गेहूं को राहत तो आलू-मटर की बुवाई पर आफत

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 30, 2026No Comments2 Mins Read
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    चक्रवाती बारिश ने बदला रबी की खेती का गणित, गेहूं को राहत तो आलू-मटर की बुवाई पर आफत

    आगे बारिश हुई तो लगी फसलें भी होंगी प्रभावित

    बेगूसराय /राष्ट्र संवाद ब्यूरो
    अक्टूबर के अंतिम दौर में चक्रवात अर्णब के प्रभाव से हुई बारिश ने किसानों की खेती का पूरा गणित बदल दिया है। गुरुवार सुबह बूंदाबांदी से शुरू हुई बारिश दोपहर में तेज हुई और रातभर जारी रही। शुक्रवार को भी रुक-रुककर बारिश होती रही। तापमान गिरने से दिन में ठंड का एहसास होने लगा और रात में लोग चादर ओढ़कर सोया।
    खेती के लिहाज से बारिश ने राहत के साथ नई चुनौती भी खड़ी की है। खेतों में लौटी नमी से 14 नवंबर से होने वाली गेहूं की मुख्य बुवाई में मदद मिलेगी। किसानों को सिंचाई के खर्च से राहत मिलेगी। पहले से बोई गई मटर, सरसों, दलहन, तिलहन और सब्जियों को भी नमी का लाभ मिलेगा।
    लेकिन करीब 20 से 25 प्रतिशत खेतों में मटर, चना, सरसों और अन्य दलहन-तिलहन की बुवाई अभी बाकी है। मिट्टी गीली होने से खेत तैयार करने और बुवाई में देरी होगी। आलू की रोपाई भी खेत सूखने के बाद ही शुरू हो सकेगी। इससे फसलों का समय चक्र बिगड़ने और उत्पादन घटने की आशंका है।
    सबसे बड़ी चिंता आगे होने वाली बारिश की संभावना को लेकर है। खेतों में पानी जमा हुआ तो लगी हुई मटर, चना और सरसों की फसल प्रभावित हो सकती है। गोभी के तैयार फूलों में दाग, सड़न और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ेगा। ऐसे में बारिश से मिली नमी की राहत किसानों के लिए तभी फायदेमंद होगी, जब मौसम आगे फसलों के अनुकूल बना रहे।

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