खनन माफिया प्रदीप अग्रवाल की गाड़ियों से टूटा पुल, आजसू नेता रामदेव हेंब्रम ने दी सड़क जाम की चेतावनी
तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो हाता-मुसाबनी रोड जाम करेगी आजसू पार्टी
राष्ट्र संवाद विशेष संवाददाता
जमशेदपुर :मुसाबनी प्रखंड के माटीगोड़़ा पंचायत अंतर्गत कुलामाड़ा गांव में पुलिया टूटने की घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस पुलिया को लेकर आजसू प्रमुख रामदेव हेंब्रम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और खनन माफिया प्रदीप अग्रवाल को पुलिया टूटने का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के कारण बड़ी-बड़ी गाड़ियां इस पुल से बेरोकटोक गुजरती थीं, जिससे यह जर्जर होकर अंततः ध्वस्त हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि खनन विभाग के अधिकारी प्रदीप अग्रवाल से मिले हुए हैं, इसीलिए शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुल टूटने से टूटी ग्रामीणों की जिंदगी
पुलिया के बह जाने से गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। लोग लकड़ी के अस्थायी पुल से जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं। गर्भवती महिलाओं, मरीजों और बच्चों के लिए हालात और भी गंभीर हो गए हैं। रामदेव हेंब्रम ने प्रशासन को 3 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि: “अगर जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो आजसू पार्टी दीघड़ी मोड़ से कोतोपा तक हाता-मुसाबनी मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम करेगी।”

नेताओं पर आरोप, स्वीकृत योजना रद्द करवाई उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेता, जिनके स्वार्थ पूरे नहीं हुए, उन्होंने यहां स्वीकृत पुल निर्माण योजना को रद्द करवा दिया। चुनाव के समय वादे करने वाले नेता अब नदारद हैं और क्षेत्र विकास से वंचित है।

निर्माण के नाम पर लाखों खर्च, पुलिया फिर भी अधूरी आजसू नेता ने बताया कि हाता-मुसाबनी मुख्य मार्ग पर 17 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम 10 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से चल रहा है, लेकिन आज तक इस पुलिया पर न ध्यान दिया गया, न कोई अस्थायी समाधान किया गया।

ग्रामीणों में उबाल, आंदोलन की तैयारी आजसू नेता रामदेव हेंब्रम के साथ अमीय महतो, धीरेन सुंडी, बबलू हेंब्रम, भोला टुडू और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर उपस्थित थे। सभी ने पुलिया को अविलंब दुरुस्त करने और खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बड़ा सवाल:-क्या प्रदीप अग्रवाल के अवैध खनन और भारी वाहनों के परिचालन की जांच हुई? किस नेता ने पुल निर्माण की स्वीकृति रद्द करवाई? 10 करोड़ से अधिक की सड़क योजना में पुलिया निर्माण को क्यों नजरअंदाज किया गया?


