उदयास्त आलिबाट के सहयोग से पुस्तक विमोचन
कवयित्री डॉ. मंजुला गोस्वामी की कृति “अनुभवोर एभुमुकी” का लोकार्पण
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गुवाहाटी, २७ मार्च:
विशिष्ट समाजसेविका, लेखिका और कवयित्री डॉ. मंजुला गोस्वामी के कविता संग्रह “अनुभवोर एभुमुकी” का विमोचन किया गया। स्वैच्छिक संस्था ‘उदयास्त आलिबाट’ के सौजन्य से दिसपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रसिद्ध शिक्षाविद् और साहित्यकार डॉ. दयानंद पाठक ने इस पुस्तक का लोकार्पण किया।
पुस्तक का विमोचन करते हुए डॉ. पाठक ने अपने संबोधन में कहा, “मनुष्य का पूरा जीवन ही एक कविता है। जीवन की कई अनकही बातें कवि अपनी कविताओं के माध्यम से व्यक्त करता है।” उन्होंने गणित और कविता के बीच के अटूट संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार गणित में हर संख्या के प्रति सचेत रहना पड़ता है, उसी तरह कवियों को भी हर शब्द के प्रयोग के प्रति सजग रहना चाहिए।
पत्रकार दर्शना बरुआ द्वारा संचालित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ‘दैनिक वार्ता’ के संपादक नरेन हजारिका ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उपन्यासकार मनीषा शर्मा ने कहा, “इस काव्य ग्रंथ में डॉ. मंजुला गोस्वामी के जीवन दर्शन का सुंदर प्रतिबिंब दिखता है और इसमें उनके परिपक्व शब्दों का समावेश हुआ है।” उन्होंने आगे कहा कि किसी जाति को आगे ले जाने में साहित्य के हर माध्यम की विशेष भूमिका होती है, अतः साहित्य के विकास में कविता के योगदान को नकारा नहीं जा सकता।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कलाकार जुबीन गर्ग सहित ज्ञात-अज्ञात दिवंगत आत्माओं की स्मृति में एक मिनट का मौन प्रार्थना की गई, जिसके बाद अंजुरानी देवी ने एक ‘बरगीत’ प्रस्तुत किया। विमोचन से पूर्व लेखिका डॉ. मंजुला गोस्वामी ने अपने अनुभव साझा किए। इसी अवसर पर ‘उदयास्त आलिबाट’ द्वारा आयोजित ‘शिशिर गोस्वामी स्मृति कविता प्रतियोगिता’ के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही, अंग्रेजी साहित्य के विशिष्ट लेखक मृणाल खाउंड और समाजसेविका डॉ. बर्नाली शर्मा बरुआ को सम्मानित किया गया।

