‘राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है बीएमएस’-धर्मेंद्र प्रधान
राष्ट्र संवाद-संजय सिन्हा
बड़बिल(ओडिशा)पूरी मे आयोजित भारतीय मजदूर संघ के त्रिदिवसीय 21वाँ अधिवेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ ये अधिवेशन 6फरवरी से 8फरवरी तक चला।इस अधिवेशन मे पुरे ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रो सहित बोलानी मजदूर संघ के श्रमिक नेता उपस्थित रहे। अधिवेशन के दुसरे दिन मुख्य अतिथि
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि ‘मैं स्वयं भी बीएमएस का कार्यकर्ता रहा हूँ और इस संगठन ने वैचारिक रूप से देश को मजबूती प्रदान करने में अपनी महती भूमिका निभायी है। यह मेरे लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।’
ओम प्रकाश अग्गी सभागार में श्री प्रधान ने श्रम शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार स्तम्भ बताते हुए कहा कि भारत की प्रगति का वास्तविक आधार संगठित, प्रशिक्षित एवं जागरूक श्रमिक वर्ग है।
उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रवादी श्रम-दृष्टि की सराहना की और कहा कि बीएमएस ने सदैव मजदूर हितों के साथ-साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। श्रमिकों को वैचारिक रूप से मजबूत किया है और उनमें राष्ट्रीयता की भावना को जागृत किया है।
श्री प्रधान ने बदलते औद्योगिक, तकनीकी एवं आर्थिक परिदृश्य में श्रमिकों के कौशल उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रम शक्ति को मजबूती दिये बिना अर्थनीति को मजबूत करना संभव ही नहीं है, इसलिए श्रम शक्ति की मजबूती जरूरी है।
श्री प्रधान ने श्रम शक्ति की भागीदारी को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ तक करने की जरूरत बतायी और श्रम शक्ति को स्किल एवं री-स्किल करने पर बल दिया।
उन्होंने श्रम कानूनों के साथ साहसिक रूप से खड़ा रहने पर भारतीय मजदूर संघ की सराहना की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य बी. भागैया, भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष हिरण्मय पांड्या व अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिमते,आदि के साथ बोलानी मजदूर संघ के नरेश कुमार सिंह,मनोज कुमार सिंह, रूपक दास,जगबंधु आपट,के.शिवा प्रसाद,जगत तुरी उपस्थित थे। मंच का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मलेशम ने किया।

