हिमांशु हत्याकांड, बढ़ते अपराध, प्रशासनिक विफलता और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। बिष्टुपुर में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड समेत शहर में लगातार बढ़ रही चापड़बाजी, चाकूबाजी, लूट, चोरी, अवैध लॉटरी, नशे के कारोबार, महिलाओं के साथ चेन छिनतई, प्रशासनिक विफलता एवं अन्य आपराधिक घटनाओं के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को जमशेदपुर महानगर के सभी मंडल क्षेत्रों में आक्रोशपूर्ण मशाल जुलूस निकालकर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। विभिन्न मंडल अध्यक्षों के नेतृत्व में निकाले गए मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में मशाल लिए कार्यकर्ताओं ने शहर की गिरती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और हिमांशु हत्याकांड में संलिप्त सभी अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की।

भाजपा सीतारामडेरा मंडल द्वारा एग्रिको तीन नंबर गोलचक्कर तक निकाले गए मशाल जुलूस में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू शामिल हुईं। वहीं, साकची पूर्वी मंडल की ओर से काशीडीह दुर्गापूजा मैदान से निकाले गए मशाल जुलूस में झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह एवं जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने भाग लिया। बागबेड़ा एवं घाघीडीह मंडल के मशाल जुलूस में पोटका विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा शामिल हुईं। मशाल जुलूस में जमशेदपुर महानगर अंतर्गत निवास करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने मंडल क्षेत्र से निकाले गए मशाल जुलूस में भाग लिया।

मशाल जुलूस विभिन्न मंडलों के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों एवं मुख्य सड़कों से होकर गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों, दुकानदारों एवं आम नागरिकों से संवाद कर शुक्रवार, 3 जुलाई को आहूत जमशेदपुर बंद को पूर्ण समर्थन देने की अपील की। भाजपा नेताओं ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संगठनों, परिवहन संघों एवं समाज के सभी वर्गों से बंद को सफल बनाकर शहर में शांति और सुरक्षा बहाल करने के जनआंदोलन में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इन अवसर पर भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि जमशेदपुर की अस्मिता, नागरिकों की सुरक्षा और भयमुक्त वातावरण की स्थापना के लिए जनसंघर्ष है। उन्होंने विश्वास जताया कि शहरवासी इस आंदोलन में एकजुट होकर 3 जुलाई के जमशेदपुर बंद को ऐतिहासिक बनाएंगे और सरकार को जनभावनाओं एवं आक्रोश का संदेश देंगे।

