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    Home » स्वतंत्रता दिवस पर रवीन्द्र नाथ महतो का आह्वान: समान अवसर और राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी
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    स्वतंत्रता दिवस पर रवीन्द्र नाथ महतो का आह्वान: समान अवसर और राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 16, 2026No Comments2 Mins Read
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    स्वतंत्रता दिवस
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण कर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस पावन अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को नमन करते हुए लोकतंत्र, संविधान, समानता और राष्ट्र-निर्माण के प्रति प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी पर बल दिया।

    स्वतंत्रता दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष का संबोधन

    रांची। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण कर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए लोकतंत्र, संविधान, समानता और राष्ट्र-निर्माण के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने और अपना भविष्य स्वयं तय करने की आकांक्षा थी। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित खुदीराम बोस, मातंगिनी हाजरा और सूर्य सेन के योगदान को याद करते हुए उन्होंने झारखंड के तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और बिरसा मुंडा के संघर्ष को भी नमन किया।

    लोकतंत्र और समानता पर जोर

    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, कानून का शासन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति के सम्मान का नाम है। उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और अवसरों की समानता सुनिश्चित करना जरूरी है।

    झारखंड के संदर्भ में उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा संथाल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, रोजगार और संस्कृति के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर अधिक समतामूलक, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने अपने संबोधन का समापन “जय हिंद, जय झारखंड, जोहार” के साथ किया।

    इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आजादी की रक्षा और राष्ट्र की प्रगति सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार का आधिकारिक पोर्टल देखें।

    रवीन्द्र नाथ महतो राष्ट्र-निर्माण स्वतंत्रता दिवस
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