पटना. गुरुवार की अहले सुबह बिहार के गया, कैमूर सहित पांच जिलों में अलग-अलग जगहों पर राष्ट्रीय जांच एजेन्सी ( एन आई ए)की टीम द्वारा नक्सली गतिविधियां से संबंधित पांच घंटे तक छापेमारी किया गया. इस दौरान उन्हें क्या मिला ये जानकारी मीडिया के लोगों नहीं दी गई है.
जानकारी के मुताबिक आज अहले सुबह गया, कैमुर, औरंगाबाद, रोहतास सहित पांच जिलों में एक साथ पांच घंटे तक छापेमारी की गई.
आज अहले सुबह पांच बजे से साढ़े दस बजे तक राष्ट्रीय जांच एजेन्सी द्वारा कैमूर के विभिन्न प्रिन्टींग प्रेस में छापेमारी की गई वहीं गया जिले के पूर्व जिला परिषद सदस्य और राष्ट्रीय जनता दल के नेता राजू यादव उर्फ राजू जाट के गया स्थित डेल्हा पर आवास एवं कोंच प्रखंड के कठौतिया गांव में इनके घर पर एक साथ छापेमारी की गई. हलांकि इन दोनों जगहों पर राजू जाट नहीं मिले. जानकारी के मुताबिक डेल्हा आवास से राजू जाट के एक डायरी जांच एजेन्सी को हाथ लगी हैं जिसमें कुछ खर्च का लेखा-जोखा है. राजू जाट के भाई जो शिक्षक हैं. उनके अनुसार जांच एजेन्सी के आठ सदस्यीय टीम ने पूरे परिवार को एक कमरे में बैठा दिए वहीं सभी लोगों के मोबाइल फोन भी जमा कराकर व्टस्एप मैसेज से नंबर तक खंगाले गए. वहीं लैपटॉप को भी खोलकर देखा गया. राजू जाट के भाई के संजीत कुमार के मुताबिक जांच एजेन्सी के सदस्य उनके घर में नक्सली के ठहरने की बात कह रहे थे. गौरतलब हो कि राजू जाट का घर गया के कोंच प्रखंड के कठौतिया गांव में है. कठौतिया गांव उस समय सुर्खियों में आया था. जब गया के तत्कालीन सासंद ईश्वर चौधरी की हत्या चुनाव प्रचार के दौरान 15मई 1991 को कराई मोड़ के पास कर दी गई थी.
राष्ट्रीय जांच एजेन्सी द्वारा सबसे पहले कैमूर में एक साथ कई प्रिन्टींग प्रेस में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में छापामारी शुरु किया. बाद में कैमूर शहर स्थित दो प्रिन्टींग प्रेस में लगभग आठ घंटे तक छापेमारी चली.
जांच एजेन्सी द्वारा छापेमारी का मुख्य बिन्दु इन क्षेत्रों में करीब तीन दशक से नक्सली संगठनों के प्रभाव एवं इन संगठनों द्वारा लेवी के रुप में अकूत धन,संपत्ति का इक्ट्ठा करने को लेकर देखा जा रहा है.
इस वर्ष अगस्त महीने के दूसरे सप्ताह में झारखंड सरकार के एक करोड़ रुपए के घोषित इनामी शिर्ष नक्सली नेता और भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रमोद मिश्रा को इनपुट के आधार पर पुलिस ने गया जिले के हुडरही गांव से इनके एक अन्य साथी अनिल यादव को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद तीन दिन तक रिमांड पर लेने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कई जांच एजेन्सियों द्वारा पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था. उसके एक माह बाद पुनः न्यायालय के आदेश के बाद रिमांड पर लेकर आइबी सहित राष्ट्रीय जांच एजेन्सी द्वारा भी पूछताछ की गई थी. इधर आज राष्ट्रीय जांच एजेन्सी द्वारा छापेमारी के दौरान गया जिले में करीब सात अलग-अलग जगहों पर छापे मारे गए. जिसमें एक नक्सली के समर्थक माने जाने वाले शिक्षक के घर से इमामगंज अनुमंडल पुलिस क्षेत्र से चार लाख रुपए बरामद होने की सूचना प्राप्त हुई है. हालाँकि राष्ट्रीय जांच एजेन्सी द्वारा इन पांच जिलों में हुई छापेमारी की आधिकारिक घोषणा समाचार लिखे जाने तक नहीं किये गए हैं.

