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    Home » जादूगोड़ा में वन माफियाओं का कहर, अवैध कटाई से उजड़ रहे जंगल; वन विभाग की कार्यशैली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    जादूगोड़ा में वन माफियाओं का कहर, अवैध कटाई से उजड़ रहे जंगल; वन विभाग की कार्यशैली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 14, 2026No Comments3 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के आसानबनी पंचायत के बिरधा एवं कानी कोला में वन माफियाओं के द्वारा धड्डले से जंगल काटकर जंगल को उजाडा जा रहा है जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है लगातार यहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

    वन माफिया के द्वारा भोर से ही लकड़ी कटाई प्रारंभ कर दी जाती है एवं ट्रैक्टरों के माध्यम से भरकर उसे जमशेदपुर के टाल , ईट भट्ठा,में भेजा जाता है और मोटा कमाई की जाती है इसमें वन विभाग के कर्मियों की भी मिलीभगत रहती है जिन्हें ग्रामीणों के द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी किसी प्रकार के कार्रवाई नहीं की जाती है।

    गैस के विकल्प के रूप में होटलों और घरों में बड़े पैमाने पर लकड़ी का इस्तेमाल बढ़ने ससे हरे-भरे पेड़ों पर आफत टूट पड़ी है।जादूगोड़ा थाना के आसपास के वन इलाकों में लगातार अवैध कटाई जारी है। जंगलों में हो रही अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

    रात के अंधेरे में पेड़ों की कटाई कर लकड़ियों को ट्रैक्टर में से तिरपाल से ढककर बाहर भेजा जा रहा है।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार वन विभाग और प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे लकड़ी तस्करों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय

    रहते अवैध कटाई पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में पूरे इलाके को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से संयुक्त अभियान चलाकर जंगलों की सुरक्षा किया जाए।

    ग्रामीणों ने बताया कि वन माफिया लाल मोहन रजक द्वारा सुनियोजित तरीके से जंगलों को उजाड़ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

    गैस महंगी, लकड़ी की मांग तेज: व्यवसायिक गैस के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद होटल संचालकों और कई घरों में फिर से लकड़ी का इस्तेमाल बढ़ गया है। यही वजह है कि लकड़ी की मांग अचानक बढ़ गई है और तस्करों के लिए यह मुनाफे का बड़ा जरिया बन गया है। बताया जा रहा है कि तस्कर पेड़ों के मोटे तनों की तस्करी करते हैं, जबकि डालियों को जलावन लकड़ी के रूप में बेचकर डबल मुनाफा कमा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार कट रहे पेड़ों के कारण जंगल तेजी से खत्म हो रहे हैं। इसका असर सिर्फ पर्यावरण पर ही नहीं, बल्कि वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी पड़ रहा है। जंगल कम होने से जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं। वहीं गर्मी बढ़ने और प्राकृतिक असंतुलन जैसी समस्याओं का खतरा भी लगातार गहराता जा रहा है।

    वही जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में वन भूमि में अवैध रूप से कब्जा कर भी कई लोगों के द्वारा घर बना लिया गया है वन विभाग को जानकारी होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं किया जा रही है वन कर्मियों के द्वारा उनसे मोटा नजराना वसूल कर लिया जाता है।

    गुरुवार सुबह बड़ी ट्रक में लकड़ी लोड करते हुए भी ग्रामीणों के द्वारा वनरक्षक को शिकायत की गई

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