बिहार चुनाव 2025 : गठबंधनों में उठापटक, सियासी समीकरणों में नई हलचल
अशोक कुमार ठाकुर | बिहार उप ब्यूरो | राष्ट्र संवाद
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य की राजनीति में उठापटक और अंतर्कलह का दौर जारी है। महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं, जिससे एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि अब पार्टी अपने हिस्से पर कोई समझौता नहीं करेगी।
इधर, भाजपा तेजस्वी यादव और महागठबंधन के नेतृत्व पर लगातार हमलावर है, जबकि लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान की सक्रियता ने एनडीए के भीतर भी असमंजस पैदा कर दिया है। चिराग की बढ़ती मांग—लोकसभा फॉर्मूले की तर्ज पर 35 से 40 सीटों की—ने राजग खेमे में नई चिंता खड़ी कर दी है।
वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पहली उम्मीदवार सूची जारी कर राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ ला दिया है। इससे महागठबंधन और एनडीए, दोनों के लिए सीटों और रणनीति को लेकर स्थिति और जटिल हो गई है।
कुल मिलाकर बिहार की राजनीति इस समय अस्थिरता, अंदरूनी मतभेद और सियासी चालों के दौर से गुजर रही है, जहां हर गठबंधन की परीक्षा उम्मीदवार चयन और नेतृत्व की कुशलता पर निर्भर करेगी।

