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    Home » ‘ममता बनर्जी की वकालत’ पर बीसीआई सख्त, मांगी रिपोर्ट | राष्ट्र संवाद
    Headlines पश्चिम बंगाल राजनीति राष्ट्रीय

    ‘ममता बनर्जी की वकालत’ पर बीसीआई सख्त, मांगी रिपोर्ट | राष्ट्र संवाद

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 14, 2026No Comments3 Mins Read
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    ममता बनर्जी
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    ममता बनर्जी की वकालत पर बीसीआई सख्त, पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट

    नई दिल्ली, 14 मई। भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल ऑफ इंडिया-बीसीआई) ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण और उनकी वर्तमान वकालत स्थिति को लेकर पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से 48 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
    यह कार्रवाई उस समय की गई जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं कल्याण बनर्जी और चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ ममता बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक मामले में अधिवक्ता के रूप में पेश होकर चुनाव बाद हिंसा और पार्टी कार्यालयों पर हमलों से जुड़े मुद्दों पर पक्ष रखा।
    2011 से 2026 तक के रिकॉर्ड मांगे
    बीसीआई के प्रधान सचिव श्रीरामंतो सेन द्वारा पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के सचिव को भेजे गए पत्र में ममता बनर्जी के अधिवक्ता के रूप में नामांकन, पंजीकरण संख्या, वकालत के निलंबन तथा पुनः प्रारंभ से संबंधित संपूर्ण जानकारी मांगी गई है। परिषद ने विशेष रूप से वर्ष 2011 से 2026 तक, जब वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं, उस अवधि के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है।
    पत्र में कहा गया है कि मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार ममता बनर्जी अधिवक्ता की पोशाक में अदालत में उपस्थित हुईं। ऐसे में यह सत्यापित करना आवश्यक है कि संवैधानिक पद पर रहते हुए उनकी वकालत की स्थिति क्या थी और क्या उन्होंने नियमानुसार अपने बार लाइसेंस को निलंबित कराया था।
    संवैधानिक पदधारियों पर लागू है विशेष प्रावधान
    सामान्य नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो संवैधानिक पद पर कार्यरत हो या लाभकारी रोजगार में हो, उसे सेवा अवधि के दौरान सक्रिय वकालत नहीं करनी होती। ऐसी स्थिति में बार लाइसेंस को निलंबित रखना पड़ता है और पुनः वकालत शुरू करने के लिए उसे फिर से सक्रिय कराना आवश्यक होता है।
    बीसीआई के प्रमुख सवाल
    बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी मांगी है—
    ममता बनर्जी की नामांकन तिथि और पंजीकरण संख्या
    क्या उनका नाम वर्तमान में राज्य अधिवक्ताओं की सूची में दर्ज है
    क्या मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वकालत निलंबित करने की सूचना दी थी
    क्या बाद में वकालत पुनः शुरू करने के लिए आवेदन किया गया
    क्या उनके पक्ष में वर्तमान में वैध प्रैक्टिस प्रमाणपत्र मौजूद है
    नामांकन पंजिका और अन्य संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां
    48 घंटे की समय सीमा
    बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि सभी दस्तावेजों और अभिलेखों सहित विस्तृत रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर भेजी जाए। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी की अदालत में पेशी को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

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